प्रधानमंत्री मोदी ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया, जो 140 करोड़ भारतीयों की सामूहिक आकांक्षा है।
आज भारत विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की ओर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का जो संकल्प रखा है, वह केवल सरकार का लक्ष्य नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों की सामूहिक आकांक्षा बन चुका है। उनके नेतृत्व में देश ने निर्णय क्षमता, नीति-निर्माण और कार्यान्वयन के ऐसे नए मानक स्थापित किए हैं, जिनकी चर्चा वैश्विक मंचों पर भी होती है।
किसी भी देश की विकास यात्रा में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं, जो केवल शासन नहीं करते, बल्कि युग परिवर्तन के वाहक बन जाते हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ऐसा ही एक नाम हैं, जिन्होंने जनभागीदारी, सुशासन और विकास को राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में स्थापित किया है। उनके नेतृत्व में हो रही विकास यात्रा करोड़ों भारतीयों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनके नेतृत्व में भारत ने आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और वैश्विक प्रभाव के नए आयाम स्थापित किए हैं। उनका जन्मदिवस केवल एक व्यक्ति का अभिनंदन नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण के उस संकल्प का उत्सव है, जो विकसित भारत के सपने को साकार करने की दिशा में देश को निरंतर आगे बढ़ा रहा है।
आज भारत विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की ओर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का जो संकल्प रखा है, वह केवल सरकार का लक्ष्य नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों की सामूहिक आकांक्षा बन चुका है। उनके नेतृत्व में देश ने निर्णय क्षमता, नीति-निर्माण और कार्यान्वयन के ऐसे नए मानक स्थापित किए हैं, जिनकी चर्चा वैश्विक मंचों पर भी होती है। हाल ही में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक चुनौतियों के समाधान हेतु लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास पर आधारित दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। साथ ही, उन्होंने वैश्विक संस्थाओं में सुधार के लिए एक व्यापक रोडमैप भी रखा। यह भारत की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा और नेतृत्व क्षमता का प्रमाण है।
प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में कई ऐसे निर्णय लिए गए, जिन्होंने देश की दिशा और दशा को प्रभावित किया। अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 और 35ए को हटाकर जम्मू-कश्मीर के पूर्ण एकीकरण का मार्ग प्रशस्त किया गया। इस कदम ने राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने के साथ-साथ क्षेत्र में विकास, निवेश और सामाजिक सहभागिता के नए अवसर उत्पन्न किए। आज जम्मू-कश्मीर पर्यटन, शिक्षा, खेल और उद्यमिता के क्षेत्र में नई संभावनाओं के साथ आगे बढ़ रहा है।अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण भी स्वतंत्र भारत की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल है। लंबे समय से चले आ रहे विवाद के समाधान के बाद मंदिर का निर्माण भारतीय सांस्कृतिक चेतना, आस्था और विरासत के सम्मान का प्रतीक बनकर उभरा है। इसके साथ ही, अयोध्या देश और दुनिया के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन केंद्रों में अपनी पहचान मजबूत कर रही है।
डिजिटल आर्थिक क्षेत्र में भी प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में क्रांति ने भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। जनधन, आधार और मोबाइल की त्रयी पर आधारित व्यवस्था ने वित्तीय समावेशन को व्यापक बनाया है। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से सरकारी सहायता सीधे लाभार्थियों तक पहुंच रही है, जिससे पारदर्शिता और सुशासन को मजबूती मिली है। वहीं, यूपीआई ने भारत को डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में वैश्विक अग्रणी देशों की श्रेणी में स्थापित किया है।
बुनियादी ढांचे के विकास में भी उल्लेखनीय परिवर्तन देखने को मिला है। आधुनिक राजमार्गों का विस्तार, वंदे भारत ट्रेनों का संचालन, रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास और उड़ान योजना के माध्यम से हवाई सेवाओं का विस्तार, नए भारत की प्रगति का परिचायक है। इन पहलों ने देश के विभिन्न क्षेत्रों को आपस में जोड़ने के साथ आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति दी है।गरीबों, वंचितों और जरूरतमंद वर्गों के उत्थान को केंद्र में रखकर अनेक कल्याणकारी योजनाएं चलाई गई हैं। मुफ्त राशन, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास योजना और हर घर जल मिशन जैसी पहलें करोड़ों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य केवल सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि सम्मानजनक और बेहतर जीवन सुनिश्चित करना है।
देश के भीतर व्यापक सुधारों से लेकर वैश्विक मंचों पर भारत की मजबूत उपस्थिति तक, प्रधानमंत्री मोदी का नेतृत्व एक ऐसे भारत की तस्वीर प्रस्तुत करता है, जो आत्मनिर्भर, सक्षम और विश्व में प्रभावशाली भूमिका निभाने के लिए तैयार है। विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में उनका विजन और कार्यशैली देशवासियों को विश्वास दिलाती है कि आने वाले वर्षों में भारत नई उपलब्धियों के साथ विश्व पटल पर और अधिक सशक्त रूप से उभरेगा।

नरेंद्र सिंह तोमर
(लेखक मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष हैं।)