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सारदा चिटफंड मामला : कोलकाता पुलिस आयुक्त समेत चार आईपीएस अधिकारियों को सीबीआई ने किया तलब

सारदा चिटफंड मामला : कोलकाता पुलिस आयुक्त समेत चार आईपीएस अधिकारियों को सीबीआई ने किया तलब
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कोलकाता। सारदा चिटफंड घोटाले की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने अब कोलकाता पुलिस आयुक्त राजीव कुमार सहित चार आईपीएस अधिकारियों को पूछताछ के लिए नोटिस भेजा है। साल्टलेक सीजीओ कॉम्प्लेक्स स्थित सीबीआई दफ्तर में बुधवार को एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की।

उन्होंने बताया कि चार वर्ष पहले सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने सारदा मामले की जांच शुरू की थी। इसके पहले राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी मामले की जांच कर रही थी। उस समय इसके प्रमुख राजीव कुमार ही थे। राजीव कुमार के अलावा सीबीआई ने रेल विभाग के आईजी तमाल बॉस, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विनीत गोयल और पूर्व सीआईडी प्रमुख पल्लव कांति घोष को पूछताछ के लिए सीजीओ कॉन्प्लेक्स स्थित सीबीआई दफ्तर में हाजिर होने को कहा है। ये चारों राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी के सदस्य थे। इन्हीं लोगों ने जम्मू-कश्मीर में सारदा प्रमुख सुदीप्त सेन और सहयोगी देवजानी को गिरफ्तार किया था और जम्मू-कश्मीर पुलिस से इनका कॉल रिकॉर्ड व अन्य डिटेल ले आए थे।

आरोप है कि इन लोगों ने जांच के दौरान घोटाले से जुड़े कई तथ्यों व साक्ष्यों को नष्ट कर दिया है ताकि इसमें संलिप्त सत्तारूढ़ पार्टी के बड़े नेताओं को बचाया जा सके। राज्य सरकार ने इसके उपहार स्वरूप राजीव कुमार को कोलकाता पुलिस का आयुक्त बनाया है। सीबीआई ने इससे संबंधित तथ्य भी सुप्रीम कोर्ट में पेश किया था जिसके बाद कोलकाता पुलिस आयुक्त को समन भेजने और पूछताछ के लिए हाजिर होने का निर्देश दिया गया।सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार सीबीआई की विशेष टीम ने राज्य के पुलिस महानिदेशक वीरेंद्र कुमार को भी इससे संबंधित ई-मेल भेजा है एवं जांच में सहयोग करने की अपील की है।

सीबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि चार साल पहले सारदा प्रमुख प्रदीप सेन और उनकी सहयोगी देवयानी को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गिरफ्तार किया था। सुदीप्त और देवयानी का मोबाइल फोन और दोनों के फोन का रिकॉर्ड भी जम्मू-कश्मीर पुलिस ने जब्त किया था। बाद में जब कोलकाता पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया तो जम्मू-कश्मीर पुलिस के हाथ से यह सारे दस्तावेज भी ले लिए। लेकिन कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के बाद जब सीबीआई ने मामले की जांच शुरू की और दोनों के मोबाइल फोन का रिकॉर्ड व जांच रिपोर्ट मांगी गई तो कोलकाता पुलिस आज तक नहीं मुहैया कराई। उस समय मामले की जांच पुलिस की विशेष टीम कर रही थी जिसके प्रमुख राजीव कुमार थे। अधिकारी ने बताया कि जांच से इस बात की पुष्टि हुई है कि राजीव कुमार व उक्त तीनों अधिकारियों के जरिए सारदा मामले से जुड़े कई तथ्यों को नष्ट किया गया है। आरोपितों को बचाने के लिए साक्ष्यों को खत्म कर दिया गया है। ऐसे में उनसे पूछताछ जरूरी है।

Updated : 2018-08-23T02:13:34+05:30
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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