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सुनंदा पुष्कर मौत मामले में स्वामी को पक्षकार बनाने की याचिका पर फैसला सुरक्षित

सुनंदा पुष्कर मौत मामले में स्वामी को पक्षकार बनाने की याचिका पर फैसला सुरक्षित

नई दिल्ली। दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने सुनंदा पुष्कर की मौत के मामले में भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी की उस याचिका पर ुरक्षित रख लिया है, जिसमें स्वामी ने पक्षकार बनाने की मांग की है। एडिशनल चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट समर विशाल ने इस अर्जी पर 10 दिसम्बर को फैसला सुनाने का आदेश दिया।

स्वामी ने यह भी मांग की है कि इस मामले में साक्ष्यों को नष्ट करने पर दिल्ली पुलिस की विजिलेंस रिपोर्ट कोर्ट के समक्ष पेश की जाए। स्वामी का कहना है कि विजिलेंस रिपोर्ट देखने के बाद उचित आरोप तय करने में कोर्ट को मदद मिलेगी।

पिछले 3 नवम्बर को सुनवाई के दौरान शशि थरूर के वकील ने कोर्ट से कहा था दिल्ली पुलिस ने सभी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए। कोई सीडी नहीं उपलब्ध नहीं करायी गयी है। तीन मेमोरी कार्ड दिए गए हैं लेकिन वे सभी ब्लैंक हैं।

पिछले 4 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने कहा था कि इस मामले के आरोपित शशि थरूर को सारे दस्तावेज उपलब्ध करा दिए गए हैं लेकिन आज शशि थरूर के वकील ने कहा कि उन्हें सभी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराये गये हैं।

पिछले 23 अगस्त को भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने इस मामले में आरोपित और कांग्रेस नेता शशि थरूर की उस याचिका पर अपना जवाब दाखिल किया था, जिसमें थरूर ने स्वामी को पक्षकार बनाने से रोकने की मांग की थी। इस मामले के आरोपित और कांग्रेस नेता शशि थरूर के वकील ने कहा था कि इस मामले से स्वामी को कोई लेना-देना नहीं हो सकता है। कोर्ट ने मामले के जांच अधिकारी से पूछा था कि क्या आपने सभी दस्तावेज बचाव पक्ष को दे दिया है।

पिछले 7 जुलाई को कोर्ट ने शशि थरूर को नियमित जमानत दे दी थी। शशि थरूर के वकील ने भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि इनकी याचिका स्वीकार कैसे की जा सकती है। ये इस मामले में पक्षकार कैसे बन सकते हैं।

पिछले 14 मई को दिल्ली पुलिस ने पटियाला हाउस कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया था। आरोप पत्र में सुनंदा पुष्कर के पति और कांग्रेस नेता शशि थरूर को आरोपित बनाया गया है। शशि थरूर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 498ए, 306 के तहत आरोपित बनाया गया है।

आरोप पत्र में कहा गया है कि सुनंदा पुष्कर की मौत शशि थरूर से शादी के तीन साल, तीन महीने और 15 दिनों में हो गई। दोनों की शादी 22 अगस्त, 2010 को हुई थी। एक जनवरी, 2015 को दिल्ली पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दर्ज की थी ।

पिछले 20 अगस्त को कोर्ट ने संयुक्त राष्ट्र के महासचिव स्व. कोफी अन्नान के परिवार से मिलने के लिए यात्रा करने की अनुमति दी थी। कोर्ट ने उन्हें केरल बाढ़ पीड़ितों के लिए मदद लेने के लिए संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय जाने की भी अनुमति दे दी थी।

Updated : 2018-12-12T21:44:47+05:30
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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