Breaking News
  • सोना-चांदी में बड़ी गिरावट, प्रॉफिट बुकिंग से टूटा बाजार 2 दिन में सोना 7 हजार, चांदी 32 हजार सस्ती
  • बिहार के CM नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए किया नामांकन किया
  • AIIMS भोपाल सुसाइड केस: NHRC ने लिया संज्ञान, HOD पर प्रताड़ना के आरोप, 15 दिन में मांगी रिपोर्ट
  • ईरान युद्ध के बीच अमेरिका ने ‘डूम्सडे मिसाइल’ का परीक्षण किया, मिनुटमैन-III दुनिया में कहीं भी कर सकती है हमला
  • CM नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने की इच्छा जताई। X पर पोस्ट कर कहा- बिहार की नई सरकार को पूरा सहयोग रहेगा।

होम > खेल

Virat Kohli and Anushka Sharma Visit Premanand Mah

विराट-अनुष्का वृंदावन पहुंचे, प्रेमानंद महाराज से लिया आशीर्वाद

विराट कोहली और अनुष्का शर्मा वृंदावन पहुंचे, प्रेमानंद महाराज से आशीर्वाद लिया और भक्तों के साथ हाथ जोड़कर सत्संग सुना।


विराट-अनुष्का वृंदावन पहुंचे प्रेमानंद महाराज से लिया आशीर्वाद

मथुरा। मंगलवार सुबह 6 बजे क्रिकेटर विराट कोहली और उनकी पत्नी Anushka Sharma प्रेमानंद महाराज से मिलने पहुंचे। दोनों ने करीब एक घंटे तक सत्संग में हाथ जोड़कर बैठकर शांति और भक्ति का अनुभव लिया। इस दौरान उनकी बेटी वामिका साथ नहीं थी।

सुबह से दिल्ली से वृंदावन पहुंचे

विराट-अनुष्का सोमवार शाम को दिल्ली से वृंदावन पहुंचे थे और यहां एक होटल में ठहरे। मंगलवार सुबह उन्होंने सीधे केलीकुंज आश्रम का रुख किया। आश्रम के सूत्रों के अनुसार, वे तय समय से पहले ही पहुंच गए थे और भक्तों के साथ सत्संग में शामिल हुए। सत्संग और दर्शन के बाद दोनों दिल्ली के लिए रवाना हुए।

फैंस का जोश और ट्रैफिक जाम

आश्रम से बाहर निकलते ही उनकी गाड़ी ट्रैफिक जाम में फंस गई। विराट-अनुष्का के आने की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में प्रशंसक पहुंच गए। मौके पर मौजूद पुलिस ने लगभग पंद्रह मिनट में भीड़ को नियंत्रित किया और रास्ता साफ कराया। 

प्रेमानंद महाराज का संदेश: दीक्षा और पूर्ण शरणागति

सत्संग के दौरान प्रेमानंद महाराज ने दीक्षा और पूर्ण शरणागति में अंतर समझाया। उनका कहना था कि दीक्षा, पूर्ण शरणागति की पहली सीढ़ी है। यह तब होता है जब हमारी ज़ुबान से गलती से भी यह न निकले कि भरोसा किसी और पर है, बल्कि केवल श्रीजी (राधा रानी) की कृपा और भरोसा होना चाहिए। उन्होंने आगे बताया कि किसी अन्य को वह स्थान न दें जो अपने इष्ट और गुरु को दिया जाता है। जैसे अर्जुन का रथ स्वयं भगवान चला रहे थे, वही पूर्ण शरणागति है जब हृदय में प्रभु बैठकर जीवन की यात्रा संभालते हैं।

विराट-अनुष्का ने करीब एक घंटे तक सत्संग में ध्यान और भक्ति का अनुभव किया। हाथ जोड़कर बैठना, आशीर्वाद लेना और भक्तों के साथ एकरूप होना इस यात्रा को खास बनाता है। भक्तों ने भी उनके साथ तस्वीरें खींची और आशीर्वाद लेने का अवसर पाया। इस एक घंटे की सत्संग यात्रा ने वृंदावन में उनकी भक्ति और शांति का नया अनुभव जोड़ दिया।।

Related to this topic: