टीम इंडिया के अलावा 40 भारतीय मूल के खिलाड़ी इस T20 वर्ल्ड कप में अलग-अलग देशों की जर्सी पहनकर मैदान में जलवा दिखा रहे हैं।
नई दिल्लीः आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप 2026 जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, मुकाबले रोमांचक होते जा रहे हैं। बड़ी टीमों को छोटी टीमें कड़ी टक्कर दे रही हैं और क्रिकेट का असली रोमांच देखने को मिल रहा है। इस बार टूर्नामेंट में करीब 20 टीमें हिस्सा ले रही हैं, लेकिन दिलचस्प बात यह है कि मैदान पर सिर्फ 11 भारतीय खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि कुल 40 भारतीय मूल के खिलाड़ी खेलते नजर आ रहे हैं। फर्क बस इतना है कि ये खिलाड़ी ‘नीली जर्सी’ में नहीं, बल्कि अलग-अलग देशों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
20 टीमों में फैली भारतीय प्रतिभा
इस वर्ल्ड कप में 20 टीमों के स्क्वॉड पर नजर डालें तो पता चलता है कि भारतीय मूल के खिलाड़ी कई देशों की ताकत बने हुए हैं। खास तौर पर अमेरिका (USA) में 9 खिलाड़ी भारतीय मूल के हैं। कुल मिलाकर 40 ऐसे खिलाड़ी हैं जिनकी जड़ें भारत से जुड़ी हैं, लेकिन वे अन्य देशों के लिए खेल रहे हैं।
कनाडा में सबसे ज्यादा 11 खिलाड़ी
भारतीय मूल के खिलाड़ियों की सबसे बड़ी संख्या कनाडा टीम में है। कनाडा के स्क्वॉड में 11 खिलाड़ी ऐसे हैं जिनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि भारत से जुड़ी है। इनमें दिलप्रीत बाजवा, नवनीत धालीवाल, श्रेयस मोव्वा, रविंद्रपाल सिंह, युवराज समरा, कंवरपाल ततगुर, अजयवीर हुंदल, शिवम शर्मा, हर्ष ठाकेर, अंश पटेल और मनजोत बुट्टर जैसे नाम शामिल हैं।
इन खिलाड़ियों ने कनाडा को संतुलित और मजबूत टीम बनाने में अहम भूमिका निभाई है।
USA में 9 भारतीय मूल के खिलाड़ी
यूएसए टीम में भी भारतीय मूल के खिलाड़ियों की मजबूत मौजूदगी है। सौरभ नेत्रावलकर, मोनांक पटेल, शुभम रंजने, संजय कृष्णमूर्ति, हरमीत सिंह, मिलिंद कुमार, साईतेजा मुक्कामाला, जेसी सिंह और नोस्थुश केंजिगे जैसे खिलाड़ी अमेरिका के लिए खेल रहे हैं।
मोनांक पटेल कप्तानी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, जबकि सौरभ नेत्रावलकर गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई कर रहे हैं।
ओमान और UAE में भी दमदार उपस्थिति
ओमान और यूएई की टीमों में भी 7-7 भारतीय मूल के खिलाड़ी शामिल हैं। जहां UAE में अलीशान शराफू, आर्यन शर्मा, सिमरनजीत सिंह, मयंक कुमार, ध्रुव पराशर, हर्षित कौशिक और रोहिद्द सिंह जैसे खिलाड़ी टीम का हिस्सा हैं। वहीं, ओमान की ओर से जतिंदर सिंह, विनायक शुक्ला, अषीश ओडेदरा, जय ओडेदरा, करण सोनावले, जितेन रामानंदी और वासिम अली खेल रहे हैं।
इन खिलाड़ियों ने एसोसिएट टीमों को नई पहचान दी है।
बड़ी टीमों में भी भारतीय मूल के खिलाड़ी
सिर्फ उभरती टीमें ही नहीं, बल्कि मजबूत और स्थापित क्रिकेट राष्ट्रों में भी भारतीय मूल के खिलाड़ी अपनी छाप छोड़ रहे हैं।
न्यूजीलैंड के लिए रचिन रवींद्र और ईश सोढ़ी
साउथ अफ्रीका के लिए केशव महाराज
वेस्टइंडीज के लिए गुड़ाकेश मोती
नीदरलैंड्स के लिए आर्यन दत्त और विक्रमजीत सिंह
इटली के लिए जसप्रीत सिंह
ये खिलाड़ी अपने-अपने देशों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसके साथ ही यह बात भी साबित हो गई कि नीली जर्सी भले ही 11 खिलाड़ी पहन रहे हों, लेकिन भारतीय मूल के क्रिकेटरों की मौजूदगी पूरे टूर्नामेंट में साफ दिखाई दे रही है।