भारतीय क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे ने अपने 15 वर्षीय करियर को विराम देते हुए इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। उन्होंने भावुक वीडियो के जरिए यह जानकारी दी।
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। करीब 15 साल तक भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले रहाणे ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो साझा कर अपने फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अब उन्हें लगता है कि आगे बढ़ने का यही सही समय है।हालांकि, रहाणे ने यह भी साफ किया कि क्रिकेट से उनका रिश्ता खत्म नहीं होगा। अब वह अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों के साथ अपना अनुभव साझा कर खेल को कुछ लौटाना चाहते हैं।
'हर शुरुआत का एक अंत होता है'
अपने वीडियो संदेश में रहाणे ने कहा कि जीवन में हर चीज की शुरुआत होती है और एक दिन उसका अंत भी आता है। उन्होंने कहा कि बल्लेबाजी की तरह जिंदगी में भी सही समय की अहमियत होती है और उन्हें महसूस हुआ कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने का यही उपयुक्त वक्त है।रहाणे ने कहा कि भारतीय क्रिकेटर के रूप में उनका सफर जरूर समाप्त हो रहा है, लेकिन क्रिकेट के साथ उनकी यात्रा आगे भी जारी रहेगी।
अब युवा खिलाड़ियों को देंगे अनुभव का साथ
संन्यास के बाद की योजनाओं पर बात करते हुए रहाणे ने कहा कि वे युवा खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करना चाहते हैं। उनका मानना है कि क्रिकेट ने उन्हें जो कुछ दिया, अब उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने का समय है। खेल से मिले अनुभव, अनुशासन और मूल्यों को वह आने वाले क्रिकेटरों के साथ साझा करेंगे।
गाबा की जीत ने बनाया कप्तानी का सुनहरा अध्याय
अजिंक्य रहाणे के करियर का सबसे यादगार दौर 2020-21 का ऑस्ट्रेलिया दौरा रहा। एडिलेड टेस्ट में भारत के 36 रन पर सिमटने और नियमित कप्तान विराट कोहली के स्वदेश लौटने के बाद रहाणे ने टीम की कमान संभाली।मेलबर्न टेस्ट में उन्होंने शतकीय पारी खेलकर भारत को शानदार जीत दिलाई और सीरीज बराबर कराई। इसके बाद युवा खिलाड़ियों से सजी भारतीय टीम ने ब्रिस्बेन के गाबा मैदान पर ऑस्ट्रेलिया को हराकर 2-1 से सीरीज अपने नाम की। यह जीत भारतीय टेस्ट क्रिकेट के इतिहास की सबसे यादगार विदेशी जीतों में गिनी जाती है।
2011 में शुरू हुआ अंतरराष्ट्रीय सफर
रहाणे ने 2011 में इंग्लैंड दौरे पर भारत के लिए वनडे और टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया। इसके बाद 2013 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया।उन्होंने भारत के लिए 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। उनका आखिरी टेस्ट जुलाई 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ पोर्ट ऑफ स्पेन में खेला गया था। वहीं वनडे में उन्होंने अंतिम मुकाबला 2018 और टी-20 अंतरराष्ट्रीय में 2016 में खेला था।