मध्य प्रदेश बजट 2026-27 में इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश और सामाजिक योजनाओं पर बड़ा फोकस, 18 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य
मध्य प्रदेश सरकार का बजट कोई सामान्य बही-खाता नहीं है। यह साफ तौर पर एक संकेत है कि मध्य प्रदेश अब अपनी छवि बदल रहा है। यह सूबा अब अपने बजट में खुद को जोड़-जुगाड़ के दौर से निकालकर खुद का निर्माण करने और अपनी संपत्ति तैयार करने की बड़ी तैयारी करने या यूं कहें 'मेगा ब्लूप्रिंट' तैयार करने की ओर बढ़ता दिख रहा है।
फैसले के क्या मायने हैं?
इसका मतलब है कि पैसा अब केवल बंटने में नहीं, बल्कि सड़कें, पुल, स्कूल और अस्पताल बनाने में लगेगा। सीमेंट, स्टील और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों के लिए यह बजट किसी जैकपॉट से कम नहीं है।18 लाख करोड़ रुपये का मैजिक नंबर और आम आदमी की जेब सरकार ने राज्य की जीडीपी (जीएसडीपी) के लिए जो लक्ष्य रखा है, वह चौंकाने वाला भी है और लुभाने वाला भी।क्या है लक्ष्य?-2026-27 में राज्य की अर्थव्यवस्था 18,48,274 करोड़ रुपए होने का अनुमान है। यह आंकड़ा निवेशकों को यह बताने के लिए काफी है कि मध्य प्रदेश का बाजार बीते कुछ वर्षों में कितना बड़ा और प्रभावशाली हो चुका है।
आम आदमी की बढ़ी ताकत
मध्य प्रदेश में 2016-17 में जो आम आदमी सालाना 74,324 कमाता था, 2024-25 में उसकी जेब में 1,52,615 रुपए आ रहे हैं। यानी, उसकी खरीदने की क्षमता दोगुनी हो चुकी है।
अगले वित्तीय वर्ष के लिए नई घोषणाएं
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अगले वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई योजनाएं एवं कार्यों की घोषणा की है। इनमें लकड़ी की पूर्ति तथा आमदनी बढ़ाने के लिए निजी भूमि पर पौधरोपण की 'कृषि वानिकी योजना' शुरू करने का ऐलान किया है।
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आध्यात्मिक महत्व एवं सांस्कृतिक विरावत वाले वन क्षेत्र के संरक्षण के लिए 'जनजातीय देव लोक वनों की संरक्षण' योजना शुरू होगी।
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शहरों में अंधोसंरचना विकास के लिए क्षरिका 'द्वारिका योजना' शुरू होगी। जिस पर अगले 3 सालों में 5 हजार करोड़ का निवेश होगा।
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सामाजिक क्षेत्र में निवेश के लिए 'सोशल इम्पैक्ट ब्रॉड' की नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टिंग होगी।
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प्रदेश में पीपीपी मोड पर धार, बैतूल, पन्ना में नए चिकित्सा महाविद्यालय बनेंगे। भिड, मुरैना, खरगौन, अशोकनगर, गुना, बालाघाट, टीकमगढ़, सीधी एवं शाजापुर चिकित्सा महाविद्यालयों की कार्यवाही पहले से चल रही है।
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ग्रामीण क्षेत्र में आबादी भूमि पर 'मालिकाना अधिकार की योजना' के अन्तर्गत मुद्रांक एवं पंजीयन का समस्त शुल्क राज्य शासन द्वारा वहन किया जाएगा।
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विकसित भारत जी-राम-जी योजना के लिए रूपये 10 हजार 428 करोड़ का प्रावधान।
मालवा मालामाल
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मालवा क्षेत्र में देवी अहिल्या लोक को एक विशिष्ट सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। जिसमें 'संस्कृति कल्पवृक्ष यात्रा' के माध्यम से इतिहास को सजीव एवं प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
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उज्जैन सिंहस्थ 2028 के लिए बजट में 3060 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
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उज्जैन में एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण रुपए 1000 करोड़ की लागत से लक्षित है।
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इंदौर-पीथमपुर इकॉनोमिक कॉरिडोर परियोजना का विकास 2 हजार 360 करोड़ लागत से उद्योग और निवेश को गति देने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
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केरियाखेडी महेश्वर को क्राफ्ट हैंडलूम विलेज तथा कुक्षी को क्राफ्ट टूरिज्म विलेज के रूप में विकमित किया जा रहा है।
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धार में पीपीपी मोड पर एक चिकित्सा महाविद्यालय खुलेगा।
ग्वालियर-विंध्य को नया कुछ नहीं
बुंदेलखंड
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बजट में बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए धार्मिक, पर्यटन, सिंचाई परियोजनाएं दी गई हैं।
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खजुराहो को 50 वैश्विक प्रतिस्पर्शी पर्यटन गंतव्य योजना के अंतर्गत वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है।
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वहीं धार्मिक नगरी ओरछा का विकास 'आइकॉनिक पर्यटन स्थलों का वैश्चिक' स्तर पर विकास योजना के अंतर्गत किया जा रहा है।
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सूक्ष्म बुन्देलखण्ड और बघेलखंड अंचल में पतने-ब्यारमा दाव सिंचाई परियोजना अंतर्गत पतने परियोजना से 1 लाख 35 हजार हेक्टेयर तथा ब्यारमा परियोजना से 1 लाख 15 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी।
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पन्ना में पीपीपी मोड पर एक चिकित्सा महाविद्यालय खुलेगा।
ग्वालियर-चंबल
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देश को टेलीकॉम क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (डीएमजेड) की स्थापना की दिशा में कार्यवाही प्रचलित है।
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महाकौशल
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महाकौशल क्षेत्र में जबलपुर में रुपये 350 करोड़ लागत का फ्लाईओवर प्रक्रियाधीन है।
किस योजना में कितनी राशि का प्रावधान
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अटल कृषि ज्योति योजना के अन्तर्गत रुपए 13914 करोड़।
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सरकारी प्राथमिक शालाओं की स्थापना के अन्तर्गत 11444 करोड़
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विकसित भारत-गांरटी फॉर रोजगार एण्ड आजीविका मिशन (ग्रामीण) के अन्तर्गत रुपए 10428 करोड़।
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16वें वित्त आयोग की अनुशंसा के अनुसार स्थानीय निकायों को अनुदान के अन्तर्गत रुपए 6172 करोड़।
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अटल गृह ज्योति योजना के अन्तर्गत रुपए 6033 करोड़।
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समग्र शिक्षा अभियान के अन्तर्गत रुपए 5649 करोड़।
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म.प्र.वि.म. द्वारा 5 एच.पी. के कृषि पम्पों/श्रेशरों तथा एक बत्ती कनेक्शन को निःशुल्क विद्युत प्रदाय हेतु प्रतिपूर्ति के अन्तर्गत रुपए 5276 करोड़।
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स्थानीय निकायों को मूलभूत सेवाओं हेतु एक मुश्त अनुदान (राज्य करों में हिर हिस्सा) (राज्य वित्त आयोग) के अन्तर्गत रुपए 4794 करोड़।
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अन्तर्गत रुपए 4600 करोड़।
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जल जीवन मिशन (जे जेएम) नेशनल रूरल ड्रिंकिंग वाटर मिशन के अन्तर्गत रुपए 4454 करोड़।
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विद्युत वितरण कंपनियों के ऋणों का अधिग्रहण के अन्तर्गत रुपए 3910 करोड़।
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सांदीपनि विद्यालय के अन्तर्गत रुपए 3893 करोड़।
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आंगनवाड़ी सेवाएं (सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0) के अन्तर्गत रुपए 3863 करोड़।
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स्वामित्व योजना अंतर्गत अभिलेख के पंजीकरण हेतु सहायता के अन्तर्गत रुपए 3800 करोड़।
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निवेश प्रोत्साहन योजना के अन्तर्गत रुपए 2550 करोड़
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सामाजिक सुरक्षा और कल्याण के अन्तर्गत रुपए 2343 करोड़।
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कार्यकारी योजना संगठन एवं कार्यकारी वन वृतों की स्थापना के अन्तर्गत रुपए 1598 करोड़
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एम.एस.एम.ई. प्रोत्साहन व्यवसाय निवेश संवर्धन/सुविधा प्रदाय योजना के अन्तर्गत रुपए 1550 करोड़ ।
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मिलियन प्लस शहर (अमृत 2.0) के अन्तर्गत रुपए 1418 करोड़
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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत रुपए 1299 करोड़ ।
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टैरिफ अनुदान के अन्तर्गत रुपए 1296 करोड़ ।
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प्रधानमंत्री सड़क योजनान्तर्गत निर्मित सड़कों का नवीनीकरण एवं उन्नयन के अन्तर्गत रुपए 1285 करोड़।
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प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना अन्तर्गत रुपए 1277 करोड़।
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11वीं, 12वीं एवं महाविद्यालय छात्रवृत्ति के अन्तर्गत रुपए 1210 करोड़।
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इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन के अन्तर्गत 1152 करोड़ ।
कल्याण विभाग के लिए 815 करोड़ का बजट
मुख्यमंत्री युवा शक्ति योजना के अंतर्गत सभी विधानसभा क्षेत्र में सर्व सुलभस्टेडियम बनाए जाएंगे। कल्याण विभाग के लिए 815 करोड़ का बजट तय किया गया है।लाड़ली लक्ष्मी योजना में 52 लाख 29 हजार बालिकाओं को लाभान्वित हो रही हैं।
पुलिस विभाग में 22 हजार 500 पदों पर भर्ती
वित्त मंत्री देवड़ा ने कहा- पुलिस विभाग में 22 हजार 500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है।पुलिसकर्मियों के लिए 11000 नए आवास बनाए गए हैं। 1 अप्रैल 2026 से परिवार पेंशन के अंतर्गत तलाक शुदा पुत्री को भी परिवार पेंशन देने का फैसला लिया गया है।
7 लाख 95 हजार विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता
शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार ने विशेष ध्यान दिया है। पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत 7 लाख 95 हजार विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे वे बिना किसी बाधा के अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें।
पर्यावरण के लिए 6 हजार 151 करोड़
कृषि वानिकी योजना शुरू की जाएगी इससे सरकार आमदनी बढ़ाने का काम करेगी। वन पर्यावरण क्षेत्र के लिए 6 हजार 151 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया
बजट पर किसने क्या कहा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में वित्तमंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा प्रस्तुत बजट प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में एक मजबूत कदम है। यह बजट गरीब, युवा, किसान और महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष फोकस करता है, जिससे समाज के हर वर्ग को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। बजट में गौशालाओं के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। पहली बार बच्चों को ट्रेटा दूध दिया जाएगा। उसके लिए बजट में प्रावधान किया गया है। स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए लगभग 23,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
हेमंत खंडेलवाल, प्रदेशाध्यक्ष, मप्र भाजपा
राज्य को चाहिए ईज ऑफ अर्निंग
क्रेडाई भोपाल मप्र बजट 2026-27 में युवा, महिला, किसान, श्रमिक और कनेक्टिविटी पर फोकस का स्वागत करता है। बजट में शहरी विकास के लिए ?21,000 करोड़ का प्रावधान एक बड़ा अवसर है, पर इसकी असली सफलता 'घोषणा' नहीं, सेवा-गुणवत्ता से मापी जाएगी। हम मांग करते हैं कि बजट के साथ ही प्रोजेक्ट-वाइज आउटपुट और डिलिवरी टाइमलाइन तय की जाए, ताकि भोपाल मेट्रोपॉलिटन कैपिटल रीजन में 'ईज ऑफ लिविंग' वास्तव में 'ईज ऑफ अर्निंग' में बदले।
- मनोज मीक, क्रेडाई, भोपाल
खाली खजाने से निराली घोषणाएं
मप्र का बजट झूठे आंकड़ों और खोखले वादों का बजट है। यह बजट प्रदेश की जनता के साथ छलावा है और जमीनी हकीकत से पूरी तरह कटा हुआ है। राजकोषीय घाटा 74 हजार करोड़ रुपये से अधिक होगा। जब सरकार के पास संसाधन ही नहीं हैं, तो घोषित योजनाओं को पूरा करने के लिए पैसा कहां से आएगा? यह बजट सिर्फ घोषणाओं का पुलिंदा है। किसानों की आय दुगनी करने का वादा किया गया था, लेकिन बजट में इस पर कोई स्पष्ट नीति नहीं है।
-उमंग सिंघार, नेता प्रतिपक्ष, मप्र
बजट में 70 हजार करोड़ रुपए का घाटा दिखाया गया है। पिछले साल 4.21 लाख करोड़ का बजट था, जिसमें से पूरा खर्च नहीं कर पाए। जबकि 72 हजार करोड़ का कर्ज इस साल लिया गया है। घाटा कहां से पूरा करेंगे, यह बजट में नहीं बताया है। कृषि वर्ष मना रहे हैं, लेकिन किसानों को फसलों की एमएसपी की गारंटी नहीं है।
जीतू पटवारी, अध्यक्ष, मप्र कांग्रेस