इस बार कब केदारनाथ धाम के कपाट खुलेंगे? जानिए नियमों में क्या बदलाव किए गए हैं और सुरक्षा को लेकर क्या इंतजाम हैं?
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में स्थित पवित्र केदारनाथ धाम के कपाट इस वर्ष 22 अप्रैल 2026 को सुबह 8 बजे श्रद्धालुओं के लिए खुलेंगे। महाशिवरात्रि के अवसर पर पंचकेदार गद्दी स्थल उखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में वैदिक विधि और पंचांग गणना के बाद इस शुभ मुहूर्त की औपचारिक घोषणा की गई। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस साल कपाट वृष लग्न में खुलेंगे, जो अत्यंत शुभ माना जाता है।
इस साल यात्रा पिछली बार की तुलना में पहले शुरू हो रही है। 2025 में कपाट 2 मई को खुले थे, जबकि इस बार श्रद्धालु 22 अप्रैल से ही बाबा केदार के दर्शन कर पाएंगे।
यात्रा तैयारियों में तेजी
तिथि घोषित होते ही प्रशासन और बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने यात्रा की तैयारियाँ शुरू कर दी हैं। पैदल मार्ग से बर्फ हटाने का काम भी शुरू हो चुका है। सुरक्षा बढ़ाने और यात्रियों के लिए सुविधाएँ सुनिश्चित करने का कार्य जोर-शोर से जारी है। इस बार सुरक्षा को लेकर कड़े इंतजाम किए गए हैं और यात्रा को और अधिक सुरक्षित व व्यवस्थित बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
यात्रा की पारंपरिक प्रक्रिया
सबसे पहले 18 अप्रैल को भगवान भैरवनाथ की विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। भैरवनाथ को धाम का क्षेत्रपाल माना जाता है और उनकी पूजा के साथ ही अनुष्ठानों की श्रृंखला आरंभ होती है। उसके बाद 19 अप्रैल को भगवान केदारनाथ की पंचमुखी डोली उखीमठ से धाम की ओर प्रस्थान करेगी। डोली 20 अप्रैल को गौरीकुंड में रात्रि विश्राम करेगी और 21 अप्रैल को केदारनाथ धाम पहुंचेगी। मार्ग में श्रद्धालु दर्शन कर डोली यात्रा को आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानते हैं।
22 अप्रैल को सुबह 8 बजे मंदिर के कपाट खुलेंगे। इस अवसर पर वैदिक मंत्रोच्चार, रावल की पूजा और विशेष अनुष्ठान किए जाएंगे। इसके बाद छह माह तक चलने वाली यात्रा विधिवत शुरू होगी और देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु धाम पहुंचेंगे।
नए रावल का चयन
इस साल धाम के नए रावल केदार लिंग होंगे। रावल धाम की पूजा पद्धति, परंपराओं और धार्मिक व्यवस्थाओं के संरक्षक माने जाते हैं। केदारनाथ धाम के रावल परंपरा अनुसार दक्षिण भारत के कर्नाटक के वीरशैव (लिंगायत) संप्रदाय से होते हैं।
चारधाम यात्रा में अन्य धामों की तिथियां
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गंगोत्री और यमुनोत्री धाम – 19 अप्रैल 2026
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केदारनाथ धाम – 22 अप्रैल 2026, सुबह 8 बजे
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बद्रीनाथ धाम – 23 अप्रैल 2026, सुबह 6:15 बजे
इस साल यात्रा में नए नियम
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ग्रीन कार्ड और ट्रिप कार्ड – इस बार यात्रा में निजी वाहन के लिए अलग ग्रीन कार्ड होगा और व्यावसायिक वाहन के लिए ट्रिप कार्ड अनिवार्य होगा।
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वीआईपी खिड़की से दर्शन – भीड़ प्रबंधन में मदद के लिए चारों धामों में वीआईपी खिड़की से दर्शन की सुविधा की गई है।
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हेलीकॉप्टर यात्रा – 5 रात 6 दिन का पैकेज लगभग 2.25 लाख तक हो सकता है।
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पंजीकरण – जानकारी के अनुसार मार्च के दूसरे सप्ताह से यात्रा के लिए पंजीकरण शुरू हो जाएगा। उसके बाद हेलीकॉप्टर सेवा की बुकिंग भी खोली जाएगी।
पिछले साल हादसों को ध्यान में रखते हुए इस बार सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त पर जोर दिया जा रहा है।