Breaking News
  • स्वदेश के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जुड़ें और हर बड़ी खबर सबसे पहले पाएं।
  • YouTube: @SwadeshNews, Facebook: @DainikSwadesh, Instagram: @swadesh_news1, X: @DainikSwadesh

होम > धर्म

गणेश जी की आरती

गणेश जी की आरती, जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा.......

बुद्धि, ज्ञान, विवेक, और रिद्धि-सिद्धि के देवता भगवान गणेश को माना जाता है और जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा आरती इन्हीं को समर्पित है।


गणेश जी की आरती जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा

हिंदू धर्म में प्रथम देव भगवान गणेश को माना जाता है। इनकी पूजा आर्चना करने से जीवन में ज्ञान की वृद्धि होती है और सद्बुद्धि आती है। भगवान गणेश को 'विघ्नहर्ता' (बाधाओं को दूर करने वाला) भी कहा जाता है, क्योंकि उनकी पूजा से जीवन, करियर और कार्यों में आने वाली सभी रुकावटें दूर हो जाती हैं।

श्री गणेश जी की आरती-

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

एकदन्त, दयावन्त, चार भुजा धारी।
माथे पर तिलक सोहे, मूषक की सवारी॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

अंधन को आँख देत, कोढ़िन को काया।
बाँझन को पुत्र देत, निर्धन को माया॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

हार चढ़े, फूल चढ़े और चढ़े मेवा।
लड्डूवन का भोग लगे, संत करें सेवा॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

दीनन की लाज रखो, शम्भु सुतवारी।
कामना को पूरा करो, जाऊं बलिहारी॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

समाप्त.....................................

Related to this topic: