राजस्थान के कोटा निवासी सूरज नायक अपनी अटूट आस्था, दृढ़ संकल्प और धार्मिक समर्पण के साथ देशभर के प्रमुख तीर्थस्थलों की 17 हजार किलोमीटर लंबी पदयात्रा पर हैं।
नवनीत मिश्रा, संतकबीरनगर: राजस्थान के कोटा निवासी सूरज नायक अपनी अटूट आस्था, दृढ़ संकल्प और धार्मिक समर्पण के साथ देशभर के प्रमुख तीर्थस्थलों की 17 हजार किलोमीटर लंबी पदयात्रा पर हैं। 12 ज्योतिर्लिंगों और चारधाम के दर्शन का संकल्प लेकर निकले सूरज बुधवार को संतकबीरनगर पहुंचे। राष्ट्रीय राजमार्ग पर तिरंगा और भगवा ध्वज के साथ पैदल चलते सूरज को देखकर राहगीरों और स्थानीय लोगों ने उनकी भक्ति और साहस की सराहना की।
4 हजार किमी चल चुके सूरज
सूरज नायक ने बताया कि उनकी पदयात्रा को पांच महीने 23 दिन पूरे हो चुके हैं। इस दौरान वे चार हजार किलोमीटर से अधिक की दूरी पैदल तय कर चुके हैं। अब तक देश के 11 ज्योतिर्लिंगों के साथ केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के दर्शन कर चुके हैं। यात्रा के दौरान उन्होंने नेपाल जाकर मुक्तिनाथ, पशुपतिनाथ और जनकपुर धाम में भी श्रद्धापूर्वक दर्शन किए।
सूरज का उद्देश्य क्या?
उन्होंने बताया कि इस धार्मिक यात्रा का उद्देश्य देश की आध्यात्मिक विरासत को नजदीक से जानना, विभिन्न तीर्थों में दर्शन-पूजन करना और लोगों को भारतीय संस्कृति, राष्ट्रीय एकता तथा सनातन परंपरा से जोड़ने का संदेश देना है। उनका कहना है कि यात्रा के दौरान अलग-अलग राज्यों में लोगों का स्नेह, भोजन और रात्रि विश्राम जैसी सुविधाओं में भरपूर सहयोग मिल रहा है, जिससे उनका उत्साह लगातार बढ़ रहा है।
अभी लगेंगे 18 महीने और
पदयात्री सूरज के अनुसार अभी एक ज्योतिर्लिंग और उत्तराखंड के दो धामों के दर्शन शेष हैं। उनका अनुमान है कि पूरी 17 हजार किलोमीटर की पदयात्रा को पूरा करने में अभी लगभग 18 महीने और लगेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि ईश्वर की कृपा और जनसहयोग से उनका यह संकल्प अवश्य पूरा होगा।