SIR याचिका पर SC सख्त, ECI ने 7 अधिकारी सस्पेंड

SIR याचिका पर CJI की सख्ती, ECI की 7 अधिकारियों पर कार्रवाई से हड़कंप

SIR प्रक्रिया पर लगी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने नाराजगी जताई है। वहीं, निर्वाचन आयोग ने 7 अधिकारियों को सस्पेंड किया।

By : संजय मिश्रा
SIR याचिका पर CJI की सख्ती, ECI की 7 अधिकारियों पर कार्रवाई से हड़कंप

कोलकाताः पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विवाद एक बार फिर अदालत की चौखट तक पहुंच गया। इस बार मामला सीधे सुप्रीम कोर्ट में उठा, जहां सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने याचिका पर कड़ी नाराजगी जताई। उधर, SIR प्रक्रिया में कथित लापरवाही को लेकर भारत निर्वाचन आयोग ने सात अधिकारियों को निलंबित कर दिया है।

आर्टिकल 32 पर CJI की तीखी टिप्पणी

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, मोहम्मद जिमफरहाद नोवाज ने याचिका दायर कर पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया के तहत ‘लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी लिस्ट’ के इस्तेमाल को चुनौती दी। सुनवाई के दौरान CJI ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि क्या आर्टिकल 32 के तहत अदालत से यह तय करवाया जाएगा कि किसी के माता-पिता कौन हैं? उन्होंने इसे आर्टिकल 32 का मजाक करार दिया। कोर्ट की इस प्रतिक्रिया से साफ संकेत मिला कि वह इस तरह की याचिकाओं को गंभीर संवैधानिक प्रश्न के दायरे में नहीं मान रहा।

28 फरवरी को आएगी अंतिम मतदाता सूची

एक सीनियर अधिकारी ने जानकारी दी कि अंतिम मतदाता सूची अब 28 फरवरी को प्रकाशित की जाएगी। पहले इसकी समय-सीमा 14 फरवरी तय थी, जिसे बाद में बढ़ाया गया। नामों की वर्तनी और अन्य विसंगतियों को लेकर 27 दिसंबर से सुनवाई शुरू हुई थी। राज्यभर में स्कूलों, क्लबों और प्रशासनिक भवनों में कैंप लगाकर दावों-आपत्तियों की प्रक्रिया चलाई गई। चुनाव अधिकारियों को 21 फरवरी तक दस्तावेजों की जांच पूरी करने का निर्देश दिया गया है। सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (AERO) को लंबित दस्तावेज तुरंत अपलोड करने के लिए कहा गया है।

58 लाख नाम हटाने की सिफारिश

SIR प्रक्रिया के दौरान करीब 58 लाख नाम ऐसे पाए गए, जिन्हें मृत, दोहराव या स्थानांतरित मतदाता के रूप में चिह्नित किया गया। इन्हें दिसंबर में प्रकाशित मसौदा सूची से बाहर रखा गया था। आयोग का कहना है कि सूची को शुद्ध और अद्यतन बनाने के लिए यह कदम जरूरी था।

7 अधिकारियों पर गिरी गाज

निर्वाचन आयोग ने गंभीर कदाचार और कर्तव्य में लापरवाही के आरोप में सात सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। सस्पेंड होने वाले अधिकारियों में जो शामिल हैं वो इस प्रकार है-  मुर्शिदाबाद के समसेरगंज से एईआरओ डॉ. सफी उर्रहमान, फरक्का के एईआरओ नीतीश दास, मैनागुड़ी की डालिया रे चौधरी, सूती ब्लॉक के एसके मुर्शिद आलम, दक्षिण 24 परगना के कैनिंग पुरबो, निर्वाचन क्षेत्र से एआरओ सत्यजीत दास और जॉयदीप कुंडू, हीं, डेबरा विधानसभा क्षेत्र के संयुक्त बीडीओ और एआरओ देबाशीष बिस्वास के खिलाफ एक्शन लिया गया है।

आयोग ने राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती को निर्देश दिया है कि संबंधित विभागों के जरिए इन अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाए और इसकी रिपोर्ट आयोग को सौंपी जाए।

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