सिहोरा में आरती-अजान के समय को लेकर विवाद हिंसक झड़प में बदला। पथराव के बाद 49 गिरफ्तार, भारी पुलिस बल तैनात और हालात नियंत्रण में बताए गए।
जबलपुरः मध्य प्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर से करीब 40 किमी दूर सिहोरा तहसील में गुरुवार रात विवाद के बाद हिंसक झड़प में बदल गया। दुर्गा मंदिर और मस्जिद के बीच आरती-अजान के समय को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक हो गया। पथराव और मारपीट के बाद इलाके में कर्फ्यू जैसे हालात बन गए हैं। एहतियातन भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और अब तक 49 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है।
एक ही समय पर आरती-अजान, फिर बढ़ा विवाद
प्रारंभिक जांच के मुताबिक, मंदिर में आरती और मस्जिद में अजान लगभग एक ही समय पर हो रही थी। इसी दौरान दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते झड़प में बदल गई। आरोप है कि मस्जिद की ओर से 50 से 70 युवकों की भीड़ बाहर आई, जिससे तनाव और बढ़ गया।
मंदिर में घुसने और मारपीट के आरोप
दुर्गा मंदिर समिति के सदस्य अंकेश गुप्ता ने आरोप लगाया कि भीड़ ने मंदिर में घुसने की कोशिश की। उन्हें अंदर से घसीटकर बाहर निकाला गया और मारपीट की गई। करीब 20 से 25 मिनट तक पथराव चलता रहा, जिसमें मंदिर के कांच टूट गए और कई लोग घायल हुए।
निर्माण सामग्री से पथराव का आरोप
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मस्जिद परिसर में चल रहे निर्माण कार्य के चलते वहां पत्थर रखे थे, जिनका इस्तेमाल पथराव में किया गया। बहोरीबंद विधायक के भाई प्रांजल पांडे को भी पत्थर लगने की बात सामने आई है।
अगले दिन फिर बढ़ा तनाव
शुक्रवार दोपहर हिंदू संगठनों ने सिहोरा थाने का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने मंदिर के सामने मस्जिद तोड़ने और नमाज पर रोक लगाने की मांग की। कुछ लोग सड़क पर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ करते रहे। बस स्टैंड क्षेत्र में कुछ ठेले भी पलट दिए गए, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया।
भारी पुलिस बल तैनात, CCTV से पहचान
घटना की सूचना मिलते ही डीआईजी अतुल सिंह, कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और एसपी संपत उपाध्याय मौके पर पहुंचे। खितौला, गोसलपुर और पनागर सहित 12 से अधिक थानों का पुलिस बल तैनात किया गया। पूरे क्षेत्र में फ्लैग मार्च निकाला गया।
एसपी संपत उपाध्याय के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। फिलहाल भीड़ को हटाकर क्षेत्र में शांति बनाए रखने की कोशिश की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।