शिवपुरी में वकील संजय सक्सेना की हत्या के मामले में पुलिस ने तीन शूटरों को गिरफ्तार किया। एक शूटर को मुठभेड़ में गोली लगी।
शिवपुरी जिले के करैरा थाना क्षेत्र में वकील संजय कुमार सक्सेना (57) की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। इस मामले में तीन शूटरों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के दौरान सुबह-सुबह हुई शॉर्ट मुठभेड़ में एक शूटर पपेंद्र रावत पर पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए दो गोलियां लगाईं। आरोपी फिलहाल अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि अन्य दो आरोपियों को मौके से हिरासत में लिया गया।
शूटरों की पहचान और घटना का विवरण
पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद आरोपियों की पहचान इस प्रकार की है:
- गोलू रावत (25) – बड़ौनी के घुघसी निवासी
- पपेंद्र रावत (23) – डबरा के चांदपुर निवासी
- जहीर मुसलमान (24) – बड़ौनी के घुघसी निवासी
जानकारी के अनुसार, शनिवार को वकील संजय सक्सेना को गोली मारने का आरोप गोलू रावत पर है। आरोपी ने कट्टे से पीठ में गोली मारी, जिससे वकील की मौत हो गई। पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ ने बताया कि वकील की हत्या के मामले में अलग-अलग पुलिस टीमें बनाई गई थीं, जो आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थीं। रविवार सुबह चिरली तिराहा के पास आरोपियों के छिपे होने की सूचना मिली।
शॉर्ट एनकाउंटर में पुलिस पर फायरिंग
जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तो आरोपी पपेंद्र रावत ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में पपेंद्र के पैर में दो गोलियां लगीं। उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अन्य दो आरोपियों को मौके से हिरासत में ले लिया गया।इस एनकाउंटर की घटनास्थल की तस्वीरें और वीडियोज भी सोशल मीडिया पर सामने आई हैं, जिनमें आरोपी लंगड़ते हुए अस्पताल ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं।
हत्या का कारण और जाँच की स्थिति
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि संजय सक्सेना जमीनी विवाद और चुनावी मामलों में पैरवी करने के लिए जाने जाते थे। परिजनों ने बताया कि वकील और संजय शर्मा के बीच लंबे समय से जमीनी रंजिश चल रही थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या की सुपारी किसने और कितनी रकम में दी थी।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि केस में शिक्षक कमलेश शर्मा, सरपंच सुनील शर्मा, नीरज शर्मा और उनके साथी आशीष परिहार के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। पूछताछ और छानबीन जारी है।
पुलिस की सफलता
करैरा में हुई हत्या के तुरंत बाद शिवपुरी पुलिस ने 24 घंटे के भीतर आरोपियों का पता लगाया और कार्रवाई में सफलता हासिल की। इस गिरफ्तारी और शॉर्ट एनकाउंटर ने जिले में कानून व्यवस्था की साख को बहाल किया है। पुलिस अब बाकी संभावित आरोपियों की तलाश में लगातार जुटी हुई है।