मध्य प्रदेश में शिवपुरी के करैरा में 14 फरवरी को वकील संजय सक्सेना की हत्या मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली। 30 हजार का इनामी मास्टरमाइंड झांसी से पकड़ा गया। सभी आरोपी गिरफ्तार।
शिवपुरीः जिले के करैरा में 14 फरवरी को सीनियर वकील संजय सक्सेना की दिनदहाड़े निर्मम हत्याकर दी गई थी। इस मामले में करैरा पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने सनसनीखेज हत्याकांड के मास्टरमाइंड और 30 हजार रुपए के इनामी आरोपी को पकड़ लिया है। उसे झांसी (यूपी) से गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही इस हत्याकांड के सभी आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित कर ली गई है। बता दें कि इस हत्याकांड के बाद वकीलों में आक्रोश था। साथ ही पूरे प्रदेश में वकीलों ने प्रदर्शन कर इस हत्याकांड को लेकर नाराजगी जाहिर की थी और कामकाज भी बंद रखा था।
झांसी से दबोचा गया मास्टरमाइंड
मंगलवार को एक पत्रकारवार्ता में करैरा के एसडीओपी डॉ आयुष जाखड़ (आईपीएस) ने बताया कि करैरा पुलिस को सूचना मिली कि हत्याकांड का मास्टरमाइंड सचिन रावत झांसी में देखा गया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हुई और झांसी पहुंचकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। एसडीओपी ने बताया कि बताया कि इस हत्याकांड के सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
कोर्ट जाते वक्त की गई थी हत्या
14 फरवरी को एडवोकेट संजय कुमार सक्सेना रोज की तरह अपने घर से बाइक से पहाड़ी मार्ग होते हुए न्यायालय जा रहे थे। तभी रास्ते में घात लगाए बैठे आरोपियों ने उन्हें रोककर गोली मार दी। गोली लगते ही उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई दिनदहाड़े हुई इस वारदात से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। इस वारदात के मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल 6 विशेष टीमों का गठन कर एसपी अमन सिंह राठौड़ ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। इसके बाद इस हत्याकांड के सभी आरोपियों को पकड़ लिया गया है।
शॉर्ट एनकाउंटर के बाद पकड़े गए थे आरोपी
15 फरवरी की सुबह आरोपियों की तलाश के दौरान पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई इस शॉर्ट एनकाउंटर में तीन हत्या आरोपियों को दबोच लिया गया, जिनमें से एक आरोपी के पैर में गोली लगी इसके अलावा इस हत्याकांड में संलिप्त दो अन्य आरोपियों को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ ने शिवपुरी में प्रेस वार्ता कर पूरे हत्याकांड का खुलासा किया था। पुलिस ने इस मामले में बताया था कि जमीन का केस लड़ने के कारण आरोपियों ने सुपारी देकर एडवोकेट को मौत के घाट उतारवा दिया। हालांकि, वारदात का मास्टरमाइंड फरार चल रहा था, जिस पर पुलिस द्वारा 30 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था।