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Shatak Film on RSS 100 Years Special Screening in

‘शतक’ केवल फिल्म नहीं, वैचारिक आंदोलन का दस्तावेज: दर्शकों की प्रतिक्रिया

भोपाल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पर आधारित फिल्म ‘शतक’ का विशेष प्रदर्शन हुआ। दर्शकों ने इसे केवल फिल्म नहीं बल्कि वैचारिक आंदोलन का दस्तावेज बताया।


‘शतक’ केवल फिल्म नहीं वैचारिक आंदोलन का दस्तावेज दर्शकों की प्रतिक्रिया

भोपाल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्ष की यात्रा पर आधारित फिल्म ‘शतक’ का भोपाल में विशेष प्रदर्शन किया गया। फिल्म देखने के बाद दर्शकों ने इसे केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं बल्कि वैचारिक आंदोलन का दस्तावेज बताया.इस विशेष आयोजन का आयोजन विश्व संवाद केंद्र और सतपुड़ा चलचित्र समिति के सहयोग से कोलार रोड स्थित सिनेमा हॉल में किया गया। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग और अलग-अलग आयु वर्ग के दर्शक शामिल हुए।

सौ वर्षों की यात्रा को समझने का अवसर

कार्यक्रम में सौ से अधिक दर्शकों ने भाग लिया। फिल्म के माध्यम से उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सौ वर्षों की वैचारिक यात्रा, उसके कार्य विस्तार और राष्ट्र जीवन में उसके योगदान के बारे में जाना.सामाजिक कार्यकर्ता कृपाशंकर चौबे सहित कई दर्शकों का कहना था कि संघ ने पिछले 100 वर्षों में ऐसे कार्यकर्ताओं को तैयार किया है, जो निस्वार्थ भाव से राष्ट्र और समाज की सेवा में लगे हुए हैं।

युवाओं और परिवारों की भी रही भागीदारी

विशेष प्रदर्शन में कई लोग अपने परिवार के साथ पहुंचे. दर्शकों ने बताया कि फिल्म के जरिए संघ की कार्यपद्धति, विचार और समाज जीवन में उसकी भूमिका को समझने का अवसर मिला.कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं और विद्यार्थियों ने भी फिल्म को प्रेरक बताया। उनका कहना था कि नई पीढ़ी के लिए इस तरह की फिल्मों को देखना जरूरी है, ताकि वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विचार और कार्यों को बेहतर ढंग से समझ सकें।

प्रबुद्ध नागरिकों ने रखी अपनी राय

शहर के प्रबुद्ध नागरिक श्याम सुंदर शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को केवल एक संगठन के रूप में नहीं देखा जा सकता। यह एक व्यापक विचारधारा है, जिसका प्रभाव समाज के विभिन्न क्षेत्रों में दिखाई देता है.उनके अनुसार फिल्म इस तथ्य को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करती है।

 

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