रेलवे ने बताया कि आरक्षण चार्ट अब 4 घंटे नहीं, बल्कि 9-18 घंटे पहले तैयार हो रहा है। रिफंड नियम बदलने की खबरों को भ्रामक बताया गया है।
भोपाल। रेलवे ने यात्री सुविधा में लगातार सुधार करते हुए चार्ट बनने के समय में बदलाव किया है। पहला चार्ट सामान्यत: ट्रेन प्रस्थान से लगभग 4 घंटे पहले तैयार होता था, जबकि अब इसे परिस्थितियों के अनुसार 9 से 18 घंटे पहले तैयार किया जा रहा है। इस व्यवस्था से यात्रियों को समय रहते जानकारी मिल जाएगी कि उनकी टिकट कन्फर्म हुई है या नहीं? इससे वे अपनी यात्रा का विकल्प चुन सकेंगे।
रेलवे के पीआरओ नवल अग्रवाल ने बताया कि इस सुधार से ये लाभ होगा कि अवैध टिकट एजेंटों और अनियमित बुकिंग गतिविधियों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। जब यात्रियों को समय रहते टिकट की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिलेगी, तो वे भ्रमित नहीं होंगे और बिचौलियों पर उनकी निर्भरता भी कम होगी।
प्रस्थान से अंतिम आधे घंटे तक बदल सकेंगे बोर्डिंग स्टेशन
पीआरओ अग्रवाल ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत यात्री अब ट्रेन के प्रस्थान से अंतिम आधे घंटे तक अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकेंगे। इसके अलावा, यदि सीटें उपलब्ध हों तो यात्री ट्रेन के प्रस्थान से आधे घंटे पहले तक अपनी यात्रा श्रेणी अपग्रेड भी कर सकेंगे। यह सुविधा यात्रियों को अधिक लचीलापन और बेहतर यात्रा अनुभव प्रदान करेगी।
रिफंड नियमों के सुधार संबंधी खबरें भाम्रक
पीआरओ अग्रवाल ने बताया कि टिकट रिफंड नियमों में सुधारों को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉम्र्स पर प्रसारित समाचार पूरी तरह तथ्यात्मक रूप से गलत है। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि इन बदलावों का उद्देश्य यात्रियों पर कोई अतिरिक्त शुल्क लगाना नहीं, बल्कि उन्हें अधिक पारदर्शिता, सुविधा और समय रहते सही जानकारी उपलब्ध कराना है। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे ऐसी भ्रामक खबरों पर विश्वास न करें और केवल रेलवे के अधिकृत स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें।