मध्य प्रदेश में आधी रात 11 IAS और 4 SAS अधिकारियों के तबादले। मनीष सिंह को फिर जनसंपर्क विभाग की कमान, स्वास्थ्य और आबकारी में बड़े बदलाव
मध्य प्रदेश में शुक्रवार देर रात अचानक प्रशासनिक हलचल तेज हो गई। सरकार ने आधी रात के बाद तबादला सूची जारी कर 11 IAS और 4 राज्य प्रशासनिक सेवा (SAS) अधिकारियों को इधर से उधर कर दिया। इस फेरबदल में जनसंपर्क, स्वास्थ्य, आबकारी जैसे अहम विभाग सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं.सूची सामने आते ही अफसरशाही में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। सरकार का कहना है कि यह बदलाव प्रशासनिक कसावट और कामकाज की रफ्तार बढ़ाने के लिए किया गया है, लेकिन समय और दायरे ने इसे खास बना दिया है,
मनीष सिंह की जनसंपर्क में फिर वापसी
इस तबादला सूची का सबसे चर्चित नाम मनीष सिंह का है। सरकार ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताते हुए जनसंपर्क विभाग की कमान सौंप दी है. मनीष सिंह अब जनसंपर्क आयुक्त के साथ-साथ परिवहन विभाग के सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे। जनसंपर्क में उनका पहले का अनुभव रहा है, ऐसे में सरकार की योजनाओं और फैसलों का संप्रेषण अब फिर उन्हीं के जिम्मे रहेगा।
स्वास्थ्य विभाग की कमान बदली
प्रशासनिक फेरबदल में स्वास्थ्य विभाग भी अछूता नहीं रहा। अशोक वर्णवाल को अब स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग का अपर मुख्य सचिव बनाया गया है. वहीं, अब तक इस जिम्मेदारी को संभाल रहे संदीप यादव को उनकी जगह से हटाकर वन विभाग में पदस्थ किया गया है। स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विभाग में यह बदलाव काफी अहम माना जा रहा है।
आबकारी विभाग में बड़ा उलटफेर
नई आबकारी नीति के लागू होने से ठीक पहले विभाग में बड़ा बदलाव किया गया है। अभिजीत अग्रवाल को आबकारी आयुक्त पद से हटाकर राज्य सहकारी विपणन संघ का प्रबंध संचालक बनाया गया है. उनकी जगह दीपक सक्सेना को नया आबकारी आयुक्त नियुक्त किया गया है। दीपक सक्सेना इससे पहले जनसंपर्क आयुक्त की जिम्मेदारी निभा रहे थे।
प्रशासनिक कसावट की दलील
सरकारी आदेशों में कहा गया है कि यह तबादले प्रशासनिक संतुलन, बेहतर समन्वय और विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से किए गए हैं। हालांकि, जिस तरह से आधी रात को पूरी सूची जारी हुई, उसने राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं.फिलहाल, निगाहें इस पर टिकी हैं कि इस तबादला एक्सप्रेस का असर जमीनी प्रशासन और आने वाले फैसलों पर किस तरह दिखाई देता है।