मध्य प्रदेश का बजट आज पेश होगा। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा करेंगे 2026-27 का बजट पेश, स्वास्थ्य, किसान, युवा और टूरिज्म पर बड़ी घोषणाओं की उम्मीद
मध्य प्रदेश की राजनीति और अर्थव्यवस्था दोनों की दिशा आज तय होने वाली है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा आज विधानसभा में साल 2026-27 का बजट पेश करेंगे। यह डॉ. मोहन यादव सरकार का तीसरा बजट है, इसलिए सरकार की प्राथमिकताएं और आगे का रोडमैप, दोनों इसमें साफ झलकने की उम्मीद है। राज्य में पंचायत और निकाय चुनावों की आहट के बीच यह बजट सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं माना जा रहा। सूत्रों की मानें तो बजट का आकार इस बार 4.65 लाख करोड़ रुपये से भी आगे जा सकता है, जो अपने आप में रिकॉर्ड होगा।
पहली बार डिजिटल और ‘थ्री-ईयर रोलिंग बजट’
इस बार सरकार एक नई परंपरा की शुरुआत करने जा रही है। बजट पूरी तरह डिजिटल होगा और इसके साथ पेश होगा पहला थ्री-ईयर रोलिंग बजट। यानी 2026-27 के साथ-साथ 2027-28 और 2028-29 की भी झलक एक ही दस्तावेज़ में मिलेगी।सरकारी हलकों में इसे चुनावी रोडमैप से जोड़कर देखा जा रहा है। इरादा साफ है.पूंजीगत व्यय बढ़ाना, इंफ्रास्ट्रक्चर को तेज़ी से आगे बढ़ाना और साथ ही राजकोषीय अनुशासन भी बनाए रखना।
स्वास्थ्य सेक्टर में बड़ा दांव
स्वास्थ्य के मोर्चे पर सरकार बड़ा कदम उठा सकती है। ‘सीएम केयर’ योजना के तहत सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं का विस्तार, स्टेट कार्डियक सेंटर और अंग प्रत्यारोपण संस्थान की योजनाएं शामिल हो सकती हैं.मेडिकल कॉलेजों में कैंसर और हार्ट सुपर-स्पेशियलिटी विभाग खोलने का भी प्रस्ताव है। अगले पांच सालों में इस सेक्टर पर करीब 2,000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
वेलनेस और आस्था टूरिज्म को नई रफ्तार
सरकार वेलनेस टूरिज्म और आस्था टूरिज्म को साथ लेकर चलने की तैयारी में है। उज्जैन से खजुराहो तक 12 प्रमुख स्थलों को वेलनेस और आस्था हब के रूप में विकसित करने का प्लान है.चआयुष वीज़ा से जुड़कर मध्य प्रदेश देश का दूसरा बड़ा वेलनेस डेस्टिनेशन बन सकता है, ऐसा दावा बजट से पहले ही किया जा रहा है।
बच्चों के पोषण पर फोकस
पोषण और शिक्षा सेक्टर में भी बड़ा ऐलान संभव है। करीब 1.40 करोड़ बच्चों को टेट्रा पैक दूध देने की योजना बजट का अहम हिस्सा हो सकती है.मिड-डे मील और आंगनवाड़ी में UHT तकनीक वाला दूध शामिल कर सरकार पोषण सुधार पर बड़ा दांव खेलने जा रही है।
किसानों के लिए क्या खास?
सिंचाई से लेकर भावांतर तक, किसानों के लिए बजट का दायरा इस बार 20 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। नई सिंचाई परियोजनाएं, नकदी फसलों पर भावांतर योजना और जैविक खेती को प्रोत्साहन ये सभी प्रस्तावों में शामिल बताए जा रहे हैं.यही वजह है कि ग्रामीण इलाकों में इस बजट को लेकर खासा उत्साह है।
युवाओं को राहत की उम्मीद
राज्य के युवाओं के लिए भी बजट अहम माना जा रहा है। मोहन सरकार करीब 50 हजार नई भर्तियों की तैयारी में है। सरकारी नौकरियों की यह संख्या बेरोजगारी से जूझ रहे युवाओं के लिए बड़ी राहत बन सकती है, अगर ऐलान जमीन पर उतरता है.
पिछले दो बजट
मोहन यादव सरकार ने पहला बजट (2024-25) 3.65 लाख करोड़ रुपये का पेश किया था। दूसरा बजट (2025-26) बढ़कर 4.21 लाख करोड़ तक पहुंचा। अब तीसरा बजट इससे भी बड़ा होने जा रहा है.सरकार का लक्ष्य ‘विकसित MP 2047’ के तहत राज्य की अर्थव्यवस्था को 2 ट्रिलियन डॉलर तक ले जाना है। ऐसे में आज पेश होने वाला बजट सिर्फ एक साल का हिसाब नहीं, बल्कि आने वाले दशक की दिशा तय करने वाला दस्तावेज़ माना जा रहा।