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एमपी बजट 2026: फ्री दूध, 15 हजार शिक्षक भर्ती

एमपी बजट 2026: 8वीं तक फ्री दूध, 15 हजार शिक्षकों की भर्ती; लाड़ली बहनों को 23,882 करोड़ का तोहफा

मध्य प्रदेश बजट 2026 में 8वीं तक छात्रों को फ्री दूध, 15 हजार शिक्षक भर्ती और लाड़ली बहना योजना के लिए 23,882 करोड़ का प्रावधान।


एमपी बजट 2026 8वीं तक फ्री दूध 15 हजार शिक्षकों की भर्ती लाड़ली बहनों को 23882 करोड़ का तोहफा

मध्य प्रदेश विधानसभा में आज बजट पेश होते ही सत्ता और विपक्ष आमने-सामने दिखे। एक ओर घोषणाओं की झड़ी, दूसरी ओर हंगामा। लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा जिस ऐलान की हो रही है, वो है 8वीं तक के छात्रों को टेट्रा पैक में मुफ्त दूध। वित्तमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने वित्तीय वर्ष 2026–27 का बजट पेश करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य साफ है, हर हाथ को काम और हर वर्ग को संबल। यह डॉ. मोहन यादव सरकार का तीसरा बजट है और बतौर वित्त मंत्री देवड़ा का सातवां। सदन में भाषण चल रहा था, और इधर कांग्रेस विधायकों का शोर भी होता रहा था। खाली डिब्बे और गुल्लक लेकर पहुंचे विधायक सरकार पर बढ़ते कर्ज का आरोप लगाया। 

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8वीं तक के बच्चों को मिलेगा फ्री दूध

सरकार ने घोषणा की है कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 8वीं कक्षा तक पढ़ने वाले बच्चों को टेट्रा पैक में दूध दिया जाएगा। इसे पोषण अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है। ग्रामीण इलाकों में जहां मिड-डे मील ही बच्चों को स्कूल तक खींच लाता है, वहां अब दूध भी मिलेगा। ज़ाहिर है, इसका असर हाजिरी पर पड़ सकता है। हालांकि ज़मीनी अमल कितना तेज होगा, ये आने वाले महीनों में साफ होगा।

15 हजार शिक्षकों की भर्ती

शिक्षा विभाग के लिए बड़ा संकेत ये रहा कि 15 हजार शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। लंबे समय से भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह राहत की खबर है। पिछले कुछ सालों से स्कूलों में पद खाली पड़े थे, खासकर ग्रामीण और आदिवासी अंचलों में। ऐसे में ये घोषणा कागज से निकलकर जमीन तक पहुंचे, तो तस्वीर बदल सकती है।

लाड़ली बहना योजना: 23,882 करोड़ का प्रावधान

सरकार ने साफ किया कि लाड़ली बहना योजना के लिए 23 हजार 882 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। महिलाओं के खाते में सीधे राशि पहुंचाने वाली इस योजना को सरकार अपनी सबसे बड़ी सामाजिक पहल मानती है। वित्त मंत्री ने कहा हर नारी को न्याय देना हमारा उद्देश्य है। विपक्ष हालांकि इसे चुनावी नजर से देख रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर कई महिलाएं इस योजना को घर की आर्थिक रीढ़ बता चुकी हैं।

‘जी रामजी’ और ग्रामीण विकास पर बड़ा खर्च

बजट में ‘जी रामजी’ मद के लिए 10,428 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग को 40,062 करोड़ रुपए देने की घोषणा की गई। पीएम आवास योजना के लिए 6,850 करोड़ और पीएम जनमन के लिए 900 करोड़ का प्रावधान भी किया गया है। ग्रामीण सड़कों की मरम्मत और नई सड़कों के लिए 12,690 करोड़ रुपए रखे गए हैं।

पुलिस, श्रम और सामाजिक सुरक्षा

पुलिस विभाग में 22,500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। 11 हजार नए आवास बनाए गए हैं। श्रम विभाग के लिए 1,335 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तावित किया गया है। असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ने पर जोर दिया गया है। सरकार ने दावा किया कि प्रदेश से नक्सल समस्या समाप्त हो चुकी है, ये बयान भी सदन में दर्ज हुआ।

खेल, स्वास्थ्य और निवेश

खेल गतिविधियों के लिए 815 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। हर विधानसभा क्षेत्र में स्टेडियम बनाने की बात दोहराई गई। हेल्थ सेक्टर को 23,747 करोड़ रुपए दिए गए हैं। वहीं, दो साल में 33 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिलने का दावा किया गया। सरकार का कहना है कि प्रदेश देश का तीसरा युवा राज्य है, और युवाओं को रोजगार देना प्राथमिकता है।

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सदन में और बाहर हंगामा

बजट भाषण के दौरान कांग्रेस विधायकों ने हंगामा किया। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने उन्हें शांत रहने की अपील की, लेकिन नारेबाजी जारी रही। विपक्ष का आरोप है कि कर्ज बढ़ रहा है, और सरकार सिर्फ घोषणाएं कर रही है। सत्ता पक्ष इसे विकासोन्मुख बजट बता रहा है।

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