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DFO Vipin Patel Resigns Back in Jabalpur

डीएफओ विपिन पटेल ने इस्तीफा वापस लिया, वन विभाग में राहत

DFO विपिन पटेल ने 4 फरवरी को दिया इस्तीफा वापस लिया। विवादित आदेश और मानसिक स्थिति को लेकर उठी चर्चा, जानें पूरे मामले की दिलचस्प बातें।

डीएफओ विपिन पटेल ने इस्तीफा वापस लिया वन विभाग में राहत

जबलपुर। आईएफएस अधिकारी और डीएफओ योजना के पद पर पदस्थ विपिन पटेल ने आखिरकार अपना इस्तीफा वापस ले लिया है। यह इस्तीफा 4 फरवरी को निजी कारणों से दिया गया था, लेकिन उनके परिवार और वन विभाग की पहल के बाद वह वापस कर दिया गया।

इस्तीफा क्यों हुआ था विवादित

विपिन पटेल ने 4 फरवरी को वन विभाग के पीसीसीएफ एंड हॉफ को ई-मेल के जरिए इस्तीफा भेजा था। पत्र में उन्होंने लिखा कि वे अपनी आईएफएस सेवा से अनकंडीशनल इस्तीफा दे रहे हैं। इस्तीफा विभाग के सचिव को भी भेजा गया था। इसके बाद उनकी पत्नी ने आवेदन देकर कहा कि पति की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और जल्दबाजी में उन्होंने यह कदम उठाया। वन विभाग ने तत्काल तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा। इसी के बाद पटेल ने अपना इस्तीफा वापस कर दिया।

विवाद और शिकायतें

विपिन पटेल सतना, अनूपपुर और सागर जिलों में डीएफओ रह चुके हैं। खासतौर पर अनूपपुर में उनका एक आदेश विवादित रहा जिसमें उन्होंने वनकर्मियों को उच्च पदभार से हटाकर मूल पद पर लौटने को कहा था। इस आदेश पर प्रदेश भर में कर्मचारियों ने विरोध जताया। कर्मचारी मंच ने सीधे मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर आपत्ति जताई थी। सागर लोकायुक्त में भी उनके खिलाफ शिकायत दर्ज है, जिसकी जांच अब भी लंबित है।

वन विभाग ने अक्टूबर 2025 के पदोन्नति आदेश लागू करने के चलते पुराने कर्मचारियों को मूल पद पर लौटाने का निर्णय लिया था। इस प्रक्रिया में उच्च पदभार वाले कर्मचारियों की नियुक्तियों को रद्द करना पड़ा। विपिन पटेल ने इस आदेश के आधार पर अपना विवादित आदेश जारी किया। कर्मचारी मंच के अनुसार, डीएफओ के पास ऐसा आदेश जारी करने का अधिकार नहीं था, यह केवल सीसीएफ शहडोल के अधिकार में आता है।

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