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Bhopal Master Plan 2047

Bhopal Master Plan 2047: भोपाल का मास्टर प्लान जारी, सीएम मोहन ने किया शेयर

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के मास्टर प्लान-2047 का ड्राफ्ट आखिरकार जारी कर दिया गया है। साल 1995 के बाद करीब 21 साल के लंबे इंतजार और सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद...


bhopal master plan 2047 भोपाल का मास्टर प्लान जारी सीएम मोहन ने किया शेयर 

Bhopal Master Plan 2047: भोपाल का मास्टर प्लान जारी, सीएम मोहन ने किया शेयर  |

Bhopal Master Plan 2047: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के मास्टर प्लान-2047 का ड्राफ्ट आखिरकार जारी कर दिया गया है। साल 1995 के बाद करीब 21 साल के लंबे इंतजार और सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद राज्य सरकार ने इसे जारी किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा साझा किए गए इस ड्राफ्ट में वर्ष 2047 तक भोपाल की संभावित 45 लाख आबादी, 1,016.90 वर्ग किलोमीटर के विशाल प्लानिंग एरिया और भविष्य की इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरतों का संपूर्ण खाका तैयार किया गया है।

ग्रीन एरिया बढ़ाने का लक्ष्य

नया मास्टर प्लान केवल जमीन के बंटवारे तक सीमित न होकर पर्यावरण, परिवहन, रोजगार और डिजिटल गवर्नेंस का संतुलित मॉडल पेश करता है। योजना में शामिल 254 गांवों के कुल 61,017.02 हेक्टेयर विकास योग्य क्षेत्र में से 43.85% भूमि आवासीय उपयोग के लिए आरक्षित की गई है। वही भोपाल के बड़े तालाब, झीलों, पहाड़ियों और बाघ भ्रमण क्षेत्रों के संरक्षण के साथ ग्रीन एरिया को 16% से बढ़ाकर 27.01% करने का प्रस्ताव है। वहीं, कॉलोनियों में ओपन स्पेस 10% से बढ़ाकर 12% किया जाएगा। इसके अलावा हरित क्षेत्र में आने वाली निजी जमीनों के मालिकों को क्षतिपूर्ति देने और डेवलपर्स को अतिरिक्त निर्माण का लाभ देने के लिए ग्रीन टीडीआर का नया नियम लागू होगा।

51 KM का 'ग्रोथ कॉरिडोर' 

मास्टर प्लान में कई बड़े प्रोजेक्ट्स प्रस्तावित किए गए है। एयरपोर्ट, लॉजिस्टिक्स हब और उपनगरों को जोड़ने के लिए करीब 3,000 हेक्टेयर में यह कॉरिडोर बनेगा। इसमें IT, AI, डेटा सेंटर, कॉरपोरेट ऑफिस, मॉल और एजुकेशन हब विकसित होंगे। इसे इंदौर, रायसेन, विदिशा और नर्मदापुरम मार्गों से सीधे जोड़ा जाएगा। बीआरटीएस कॉरिडोर को भविष्य में एमआरटीएस में बदलने का प्रावधान है।

15 मंजिला इमारत निर्माण को मंजूरी 

भोपाल मेट्रो कॉरिडोर के दोनों ओर आवासीय व व्यावसायिक विकास को बढ़ावा देने के लिए 15 मंजिल तक ऊंची इमारतों के निर्माण की अनुमति का प्रस्ताव है। तो वही चौड़ी सड़कों पर एफएआर और ऊंचाई के नियमों में छूट मिलेगी। पुरानी हाउसिंग सोसायटियों के रिडेवलपमेंट के लिए RWA के माध्यम से 70% निवासियों की सहमति पर काम शुरू करने का नियम प्रस्तावित है। आवासीय क्षेत्रों में 18 मीटर से कम चौड़ी सड़क वाले रास्तों पर कमर्शियल गतिविधियों पर रोक रहेगी, जबकि 18 से 24 मीटर चौड़ी सड़कों पर पार्किंग शर्तों के साथ 'मिक्स्ड लैंड यूज' की अनुमति दी जा सकेगी। अवैध निर्माणों पर रोक, सुरक्षित यातायात और सीसीटीवी सर्विलांस की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए भोपाल को डिजिटल ट्विन सिटी के रूप में अपग्रेड किया जाएगा। फ्लाईओवर्स, आरओबी और सामुदायिक पार्कों के नीचे मल्टीलेवल और मैकेनाइज्ड पार्किंग की व्यवस्था का प्रावधान किया गया है। निर्धारित अनुमति के बाद कृषि क्षेत्रों में भी स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और वेयरहाउस बनाने की छूट दी जा सकेगी।

दावे-आपत्तियों के बाद लागू होगा अंतिम मास्टर प्लान

आपको बता दें कि प्रस्तावित ड्राफ्ट फिलहाल सार्वजनिक सुझावों और दावों-आपत्तियों के लिए खुला है। नागरिकों और विशेषज्ञों से मिले सुझावों का निस्तारण करने के बाद ही अंतिम भोपाल मास्टर प्लान-2047 को अधिसूचित किया जाएगा।