भोपाल के कटारा हिल्स क्षेत्र में खेतों में नरवाई जलाने से आग भड़क उठी। कई सोसायटियों में दहशत, रहवासियों को रातभर जागकर सुरक्षा करनी पड़ी।
भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में बुधवार देर रात खेतों में जलाई गई नरवाई की आग ने आसपास की रिहायशी कॉलोनियों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया। कस्तूरी सिटी, सिग्नेचर सिटी और हैवन्स लाइफ सोसायटी के पीछे लगे खेतों में आग तेजी से धधकती रही, जिससे रहवासियों को पूरी रात जागकर सतर्क रहना पड़ा।
रात 2 बजे शुरू हुई घटना, सुबह तक बना रहा खतरा
जानकारी के अनुसार, रात करीब 2 बजे खेतों में लगी आग की लपटें और धुआं कॉलोनियों की बाउंड्री वॉल तक पहुंचने लगा। स्थिति ऐसी बन गई कि लोगों को आशंका होने लगी कि कहीं आग दीवार पार कर घरों और वाहनों तक न पहुंच जाए। सुबह करीब 6 बजे तक हजारों रहवासी जागते रहे और संभावित खतरे को टालने के लिए निगरानी करते रहे।
धुएं और गर्मी से बढ़ी परेशानी
आग से उठता धुआं करीब दो किलोमीटर तक फैलता रहा। इसकी वजह से आसपास का तापमान भी बढ़ गया और घरों में लगे एयर कंडीशनर और कूलर भी प्रभावी नहीं रहे। गर्म हवा और धुएं के कारण लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा।

रहवासियों ने खुद संभाली स्थिति
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कॉलोनियों के गार्ड और रहवासियों ने खुद मोर्चा संभाला। रातभर पहरा दिया गया और लोगों को सतर्क किया गया। पार्किंग में खड़े वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कराया गया, ताकि आग से नुकसान न हो।
पुलिस पर लापरवाही के आरोप
रहवासियों का आरोप है कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों को सूचना देने के बावजूद उन्होंने गंभीरता नहीं दिखाई। बताया गया कि कटारा हिल्स थाना क्षेत्र के दो सिपाही मौके पर मौजूद थे, लेकिन उन्होंने स्थिति को सामान्य बताते हुए सक्रिय हस्तक्षेप नहीं किया।
प्रतिबंध के बावजूद जारी है नरवाई जलाना
गौरतलब है कि खेतों में नरवाई जलाना कानूनी रूप से प्रतिबंधित है, फिर भी कई जगहों पर यह प्रथा जारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न केवल आग लगने का खतरा बढ़ता है, बल्कि पर्यावरण और स्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव पड़ता है। स्थानीय प्रशासन के लिए यह घटना एक चेतावनी मानी जा रही है कि ऐसे मामलों पर सख्ती और निगरानी बढ़ाई जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।
