उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में शादी के बाद विदाई से पहले दूल्हे के किन्नर होने का चौंकाने वाला खुलासा हुआ। हंगामे के बाद बारात बिना दुल्हन लौटी।
बाराबंकीः शादी का घर, बैंड-बाजे की धुन, बाराती और सात फेरे पूरे होने के बाद विदाई की हो रही थी तैयारी। सब कुछ सामान्य लग रहा था। लेकिन सुबह होते-होते ऐसा राज खुला कि पूरा माहौल सन्नाटे में बदल गया। मामला बाराबंकी जिले के कोठी थाना क्षेत्र के एक गांव का है, जहां शादी के बाद दूल्हे के बारे में चौंकाने वाला खुलासा हुआ।
नेग मांगने पहुंचे किन्नरों ने की पहचान
कोठी थाना क्षेत्र के एक गांव की निवासी लड़की की धूमधाम से बारात आई। बाराती नाचते-गाते कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे। बारात का भव्य स्वागत हुआ। घर में जयमाल हुई, सात फेरे भी पूरे हुए। सुबह विदाई होनी थी। करीब चार बजे कादोपुर से किन्नरों की टोली नेग लेने पहुंची। दूल्हे को देखते ही उन्होंने उसे पहचान लिया।
बताया जा रहा है कि किन्नरों की टोली को देखते ही दूल्हे और उसके परिवार के चेहरे अचानक उतर गए। माहौल बदलने लगा।
रुपए देकर मामला दबाने की कोशिश
दुल्हन पक्ष के एक रिश्तेदार के अनुसार, दूल्हे के परिजनों ने आनन-फानन में 23 हजार रुपए किन्नरों को दिए और चुप रहने का इशारा किया। यही बात लड़की वालों को खटक गई। शक होने पर उन्होंने दूल्हे की जांच करने की बात कही। फिर जब दूल्हे से अलग कमरे में चलकर जांच कराने की बात कही गई तो वह बहाने बनाने लगा और नाराजगी दिखाने लगा। इसी बीच किन्नरों ने खुलासा कर दिया कि दूल्हा खुद किन्नर है और पहले उनकी टोली के साथ रहता था।
बारातियों में मची भगदड़
खुलासा होते ही जनवासे में हलचल मच गई। कई बाराती चुपचाप निकल गए। दूल्हे के परिजन भी एक-एक कर खिसकने लगे। गुस्साए लड़की वालों ने दूल्हे को पकड़कर बैठा लिया। सूचना पर पुलिस पहुंची, लेकिन परिवार ने लोकलाज के चलते कोई मुकदमा दर्ज नहीं कराया। बाद में आपसी बातचीत में शादी में हुए खर्च की रकम लौटाई गई और बारात बिना दुल्हन के वापस चली गई।
किन्नर समुदाय अपने साथ ले गया युवक
हंगामे के बीच किन्नर समुदाय के लोग युवक को अपने साथ ले गए। उनका कहना था कि वह पहले उनकी टोली के साथ रहता था और ढोलक बजाने का काम करता था। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।