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Ayodhya Temple Boosts Economy, 85,000 Crore Projec

अयोध्या की अर्थव्यवस्था में राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा के बाद आया उछाल

राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या में 85,000 करोड़ की परियोजनाएं, रोजगार और पर्यटन में उछाल, आईआईएम लखनऊ की रिपोर्ट में खुलासा


अयोध्या की अर्थव्यवस्था में राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा के बाद आया उछाल

85,000 करोड़ रुपए की पुनर्विकास परियोजनाएं ले रही आकार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'टेंपल इकॉनमी मॉडल' पर भारतीय प्रबंधन संस्थान लखनऊ (आईआईएम लखनऊ) ने अपनी मुहर लगाई है। आईआईएम की ताजा अध्ययन रिपोर्ट अयोध्या का आर्थिक पुनर्जागरण बताती है कि राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या में व्यापक आर्थिक सक्रियता, निवेश प्रवाह और रोजगार सृजन देखने को मिला है।

मंदिर ने बढ़ाई आर्थिक गति

अध्ययन में मंदिर निर्माण से पहले और बाद की आर्थिक परिस्थितियों का तुलनात्मक विश्लेषण किया गया। यह दर्शाया गया कि धार्मिक अवसंरचना, यदि सुविचारित नीति और प्रशासनिक प्रतिबद्धता से जुड़ जाए, तो वह क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति देने वाला उत्प्रेरक बन सकती है।

85,000 करोड़ की पुनर्विकास परियोजनाएं

रिपोर्ट के अनुसार, रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या की आर्थिक तस्वीर ने तेजी से करवट ली। पहले ही छह महीनों में 11 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं का आगमन दर्ज किया गया, जिसने स्थानीय बाजार, परिवहन और आतिथ्य क्षेत्र में नई ऊर्जा का संचार किया। अब अयोध्या में वार्षिक स्तर पर 5-6 करोड़ आगंतुकों की संभावना जताई जा रही है, जो अयोध्या को देश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्रों की अग्रिम पंक्ति में ला खड़ा करती है।अयोध्या में शहरी विकास को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों और सौर ऊर्जा जैसी पहलों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे इसे मॉडल सोलर सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं।

आधारभूत संरचना और निवेश

अयोध्या में व्यापक निवेश हो रहा है। इसके अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, आधुनिक रेलवे स्टेशन, विस्तारित सड़क नेटवर्क और नगर सौंदर्यीकरण के कार्य प्रगति पर हैं।

रोजगार के अवसरों में तेजी

आईआईएम की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश में पर्यटन व्यय 4 लाख करोड़ रुपए से अधिक होने का अनुमान है, जिसमें अयोध्या की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जा रही है। पर्यटन आधारित गतिविधियों से कर राजस्व 20,000-25,000 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। आतिथ्य, निर्माण, परिवहन और सेवा क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों में तीव्र विस्तार हुआ है।अयोध्या ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक केंद्र के रूप में नई पहचान प्राप्त की है, जहां प्रवासी भारतीय, शोधकर्ता और वैश्विक श्रद्धालु आकर्षित हो रहे हैं।कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (सीएआईटी) के अनुसार, मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से देशभर में 1 लाख कारोबार हुआ, जिसमें अयोध्या की हिस्सेदारी महत्वपूर्ण रही। प्रतिदिन दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आगमन ने आतिथ्य और उससे जुड़े उद्योगों को नई गति दी है। 150 से अधिक नए होटल और होमस्टे स्थापित किए गए हैं, जबकि प्रतिष्ठित होटल श्रृंखलाएं जैसे ताज होटल्स ने अयोध्या में अपने विस्तार की योजनाएं घोषित की हैं।

 

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