अमरोहा में महाशिवरात्रि से पहले बुर्का पहनकर कांवड़ लेने निकली तमन्ना मलिक पर शिवभक्तों ने पुष्पवर्षा की। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की।
अमरोहा। महाशिवरात्रि से ठीक पहले उत्तर प्रदेश के अमरोहा से एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने लोगों का ध्यान खींच लिया। बुर्का पहने एक मुस्लिम महिला कांवड़ लेकर जाती दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है कि उनका नाम तमन्ना मलिक है। रास्ते भर शिवभक्तों ने उन पर पुष्पवर्षा की, “बम-बम भोले” के जयकारे लगे और माहौल कुछ देर के लिए सचमुच अलग ही दिखा।
अमरोहा की सीमा में पहुंचते ही बढ़ी हलचल
जानकारी के मुताबिक, संभल जिले के बदनपुर वसई गांव की रहने वाली तमन्ना मलिक बुर्का पहनकर और माथे पर तिलक लगाकर कांवड़ यात्रा पर निकलीं। जैसे ही उनका जत्था अमरोहा जिले की सीमा में दाखिल हुआ, स्थानीय पुलिस सक्रिय हो गई।अमरोहा के नौगावां सादात थाना क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। पुलिसकर्मी पूरे रास्ते साथ-साथ चलते रहे, ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने। कांवड़ियों ने बताया कि तमन्ना संभल जिले की रहने वाली हैं और पूरी श्रद्धा के साथ यात्रा कर रही हैं।

पुष्पवर्षा और जयकारों के बीच आगे बढ़ी यात्रा
जहां-जहां से तमन्ना कांवड़ लेकर गुजरीं, वहां शिवभक्तों ने उन पर फूल बरसाए। कुछ लोग मोबाइल से वीडियो बनाते दिखे, तो कुछ ने इसे गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल बताया।सड़क पर “बम-बम भोले” के जयकारों के बीच बुर्के में कांवड़ लिए चलती तमन्ना की तस्वीरें लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
महाशिवरात्रि को लेकर उत्साह चरम पर
रविवार को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। कई श्रद्धालु हरिद्वार से गंगाजल लाकर शिवालयों में जलाभिषेक करते हैं। इसी को देखते हुए प्रशासन ने हाईवे और मंडी धनौरा मार्ग पर सुरक्षा बढ़ा दी है। भारी वाहनों की आवाजाही रोकी गई है और हल्के वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग तय किए गए हैं। प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार ने बताया कि पुलिस टीम रातभर गश्त कर रही है और कांवड़ यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं।
क्यों खास है महाशिवरात्रि
महाशिवरात्रि फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाती है। एक मान्यता के अनुसार इसी दिन भगवान शिव ने सृष्टि की रक्षा के लिए विष का पान किया था।भक्त इस दिन व्रत रखते हैं, रात्रि जागरण करते हैं और शिवलिंग पर जल, दूध व बेलपत्र अर्पित करते हैं अमरोहा की इस घटना ने त्योहार से पहले एक अलग संदेश दिया है। आस्था की राह कभी-कभी सीमाओं से बड़ी दिखती है , और यही शायद इस तस्वीर की सबसे खास बात है।