क्या है 'संचार साथी', ऐप को लेकर विपक्ष मचा रहा हंगामा, संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने द

क्या है 'संचार साथी', ऐप को लेकर विपक्ष मचा रहा हंगामा, संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दी सफाई

Sanchar Sathi APP: संचार साथी एप मंगलवार के पूरे दिन चर्चा में रहा। इस अप्लिकेशन को लेकर काफी हंगामा हुआ। विपक्ष इसको लेकर सत्ताधारी सरकार पर हावी रहा। वहीं,DoT ने एक आदेश जारी कर मोबाइल बनाने वाली कंपनी को भारत में उपयोग होने वाले फोन में इसके प्री इंस्टाल के लिए कहा था।

By : स्वदेश डेस्क
क्या है 'संचार साथी', ऐप को लेकर विपक्ष मचा रहा हंगामा, संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दी सफाई

नई दिल्लीः भारत सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकंम्यूनिकेशन (DoT) ने सोमवार के दिन एक नोटिफिकेशन जारी किया था। इसके अनुसार सभी मोबाइल बनाने वाली कंपनी जो मोबाइल भारत में उपयोग होते हैं उनमें संचार साथी एप को प्री-इंस्टॉल करने के निर्देश दिए थे। डीओटी का निर्देश था कि मार्च 2026 से बेचे जाने वाले नए मोबाइल में यह एप प्री इंस्टॉल करके दें।

इसके साथ ही विभाग ने यह भी कहा कि पुराने फोन्स के मोबाइल निर्माता कंपनी एक ओटीए अपडेट जारी करना होगा, जिससे पुराने यूजर्स के पास तक यह ऐप पहुंच सके। इस ऐप का उपयोग मोबाइल उपकरणों में उपयोग किए जाने वाले आईएमईआई की प्रामाणिकता सत्यापित करने" के लिए किया जाएगा। वहीं, इस सरकारी एप से कई सारी सिटीजन सेवाएं मिलती है। वहीं, सरकार के इस एप को लेकर विपक्ष हमलाव हो गई।

विपक्ष ने लगाए जासूसी के आरोप

विपक्ष ने इस एप को लेकर सरकार को जमकर घेरा। उन्होंने सत्ताधारी सरकार पर इस ऐप की मदद से लोगों की जासूसी करने का प्रयास करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस के कई दिग्गज नेताओं ने इसे पेगासस प्लस बताया है। वहीं, सोशल मीडिया पर आम लोग भी यही सवाल कर रहे हैं कि क्या इस ऐप की वजह से उनकी प्राइवेसी भी खतरे में आ सकती है।

केंद्रीय मंत्री ने दी सफाई

वहीं, ऐप मामले में विवाद बढ़ने पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सफाई दी है। उन्होंने बताया कि संचार साथी एप पूरी तरह से ऑप्शनल है। इस ऐप को भी अन्य दूसरी एप्लिकेशन की तरह एक्टिवेट या डिएक्टिवेट कर सकते हैं। यदि कोई मोबाइल यूजर इसे नहीं रखना चाहता है तो वह उसे अनइंस्टॉल भी कर सकता है।

क्या बोले ज्योतिरादित्य सिंधिया

उन्होंने कहा,'आप अपनी मर्जी से इसे एक्टिवेट या डिएक्टिवेट कर सकते हैं... अगर आप इसे नहीं रखना चाहते हैं, तो डिलीट कर सकते हैं. ये ऑप्शनल है.' प्राइवेसी और सिक्योरिटी को लेकर उठ रहे सवाल को उन्होंने गलतफहमी बताया है।

जासूसी के आरोपों को बताया निराधार

सिंधिया ने बताया कि यह ऐप डिवाइस परर जासूसी या कॉल मॉनिटरिंग नहीं कर सकता है। इस एप का निर्माण कंज्यूमर्स की सेफ्टी बेहतर करने के लिए किया गया है।

क्या है संचार साथी एप

डीओटी के बयान के अनुसार यह कदम लोगों को नकली स्मार्टफोन खरीदने से बचाने और टेली कंम्यूनिकेशन के साधनों के दुरुपयोग को मदद के लिए उठाया गया है। संचार साथी ऐप को पहली बार 2023 में एक पोर्टल के रूप में शुरू किया गया था

संबंधित सामग्री

नशे का प्रभाव : ओवरडोज से कबड्डी खिलाड़ी की मौत, विपक्ष ने सरकार को घेरा

नशे का प्रभाव : ओवरडोज से कबड्डी खिलाड़ी की मौत, विपक्ष ने सरकार को घेरा

ग्रामीणों व परिजनों के अनुसार कुछ समय से वह नशे की गिरफ्त में आने के कारण कबड्डी से मुंह मोड़ चुका था।

Jun 25, 2018