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दिल्ली-काठमांडू यात्रा पर रवाना होगा पैरा एथलीट्स का ग्रुप, रेट्रोफिटेड स्कूटी से करेंगे राइड

8 दोस्तों ने 'राइड फॉर यूनिटी' का नाम दिया, ग्रुप में 6 पुरुष और 2 महिला पैरा एथलीट शामिल

दिल्ली-काठमांडू यात्रा पर रवाना होगा पैरा एथलीट्स का ग्रुप, रेट्रोफिटेड स्कूटी से करेंगे राइड
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नोएडा/अजय सिंह चौहान। आपने हौसले की बहुत सी कहानियां देखी और सुनी होंगी, लेकिन हौसलों को एक साथ सड़क पर फर्राटा भरते नहीं देखा होगा। देश के कई हिस्सों से आए 8 'खास' दोस्तों ने यह हिम्मत दिखाने की जुर्रत की है, जिसे 'राइड फॉर यूनिटी' का नाम दिया गया है। यह यात्रा कल यानि 22 दिसंबर को दिल्ली की सड़कों से शुरू होकर नेपाल की राजधानी काठमांडू तक जाएगी और वापस 1 दिसंबर को दिल्ली में ही आकर समाप्त हो जाएगी। दल में शामिल राइडर्स का दावा है कि यह देश के बाहर तक जाने वाली अपनी तरह की पहली यात्रा होने जा रही है।


ग्रुप में 6 पुरुषों और 2 महिला पैरा एथलीट

दरअसल, देश के कई हिस्सों से आकर दिल्ली में इकट्ठा हुए अलग अलग उम्र के यह सभी पैरा एथलीट्स अपने आप में बेहद खास हैं। किन्हीं कारणों से हुई शारीरिक क्षति के बावजूद इनके जोश में कहीं कोई कमी नहीं है। इन पैरा एथलीट्स में से कोई एक लाख किलोमीटर तो कोई इससे भी अधिक की राइड अब तक पूरी कर चुका है। अब यह दल अपनी पहली अंतर्राष्ट्रीय यात्रा पर निकलने को तैयार है। इस ग्रुप में 6 पुरुषों के अलावा 2 महिलाएं भी शामिल हैं।

राइड के लिए 8 रेट्रोफिटेड स्कूटी का इस्तेमाल

ग्रुप में शामिल नेशनल पैरा एथलीट मोहिनी सिंह ने बताया कि, 'हम सब 22 दिसंबर को दिल्ली से काठमांडू के लिए अपनी राइड शुरू करेंगे। जिसके लिए हम विशेष प्रकार की डिजाइन की गई 8 रेट्रोफिटेड स्कूटी का इस्तेमाल करेंगे। दिल्ली के इंडिया गेट से अपनी यात्रा शुरू करते हुए हम बरेली, श्रावस्ती के रास्ते होते हुए काठमांडू पहुंचेंगे।' मोहिनी के अलावा दल में शामिल दूसरी महिला एथलीट का नाम संगीता है जिन्होंने अब तक सात राज्यों में पचास हजार किलोमीटर से भी अधिक की पैरा राइड पूरी कर ली है।

सबकी कहानी अपने आप में बेहद खास

संजीव कुमार (42) ग्रुप मेंबर होने के साथ साथ एक सैनिक भी हैं जिन्होंने कारगिल युद्ध में अपने साहस का परिचय देते हुए पाकिस्तान के छक्के छुड़ा दिए थे। हालांकि, अब वह एक पैरा एथलीट भी हैं और अब तक देश के कई राज्यों में एक लाख किमी से अधिक की यात्रा पूरी कर चुके हैं। इसके अलावा अमन धवन, प्रदीप, संजीव, किशोर और अंकित की कहानी भी अपने आप में बेहद खास है।

Updated : 21 Nov 2022 1:39 PM GMT
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