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ईवीएम-वीवीपैट पर निर्वाचन आयोग 29 मार्च तक दे जवाब : सुप्रीम कोर्ट

ईवीएम-वीवीपैट पर निर्वाचन आयोग 29 मार्च तक दे जवाब : सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने आगामी लोकसभा चुनाव के दौरान ईवीएम में 50 फीसदी वीवीपैट के इस्तेमाल के मुद्दे पर निर्वाचन आयोग को कल यानि 29 मार्च तक जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने यह निर्देश विपक्ष के 21 दलों की संयुक्त रूप से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया।

गुरुवार को सुनवाई के दौरान निर्वाचन आयोग की ओर से वरिष्ठ वकील सीए सुंदरम ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि उनका जवाबी हलफनामा तैयार नहीं हो पाया है। उन्होंने जवाबी हलफनामा दायर करने के लिए समय देने की मांग की जिसके बाद कोर्ट ने 29 मार्च तक दाखिल करने का निर्देश दिया। मामले की सुनवाई एक अप्रैल को होनी है।

सुप्रीम कोर्ट ने पिछले 25 मार्च को निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया था कि आप इस संबंध में हलफनामा दायर कीजिए कि वीवीपैट पर्चियों का ईवीएम से मिलान करना बढ़ाया क्यों नहीं जा सकता है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच ने निर्वाचन आयोग को आज तक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया था। सुनवाई के दौरान कोर्ट के निर्देश पर निर्वाचन आयोग के उप चुनाव आयुक्त सुदीप जैन भी कोर्ट में उपस्थित थे।

निर्वाचन आयोग ने कहा कि पर्याप्त वीवीपैट पर्चियों के ईवीएम से मिलान की व्यवस्थसे है। इसे बढ़ाकर 50 फीसदी करना गैरजरूरी है। इससे समय और संसाधन दोनों की बर्बादी होगी। तब सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोई भी संस्थान, यहां तक कि न्यायपालिका को भी खुद को ठीक करने के लिए सुझाव लेने से अलग नहीं करना चाहिए। हर जगह सुधार की गुंजाइश होती है। आप तो खुद अपग्रेड करते हैं तब आप वीवीपैट क्यों नहीं ला रहे हैं। इस पर जजों को सोचने की जरूरत क्यों पड़ी है।

पिछले 15 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने निर्वाचन आयोग को नोटिस जारी किया था। जिन विपक्षी नेताओं ने याचिका दायर की है उनमें टीडीपी के चंद्रबाबू नायडु, एनसीपी के शरद पवार, कांग्रेस के केसी वेणुगोपाल, टीएमसी के डेरेक ओ ब्रायन, शरद यादव, बीएसपी के सतीश चंद्र मिश्रा, डीएमके के एमके स्टालिन, सीपीएम के टीके रंगराजन, आरजेडी के मनोज कुमार झा, आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल, नेशनल कॉन्फ्रेंस के फारुख अब्दुल्ला, सीपीआई के सुधाकर रेड्डी, जेडीएस के कुंवर दानिश अली, रालोद के अजित सिंह, एआईयूडीएफ के एम बदरुद्दीन अजमल, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी, प्रो. अशोक कुमार सिंह, इंडियन युनियन मुस्लिम लीग के खुर्रम अनीस उमर, तेलंगाना जन समिति के प्रो. कोडानडरम और नागा पीपुल्स फ्रंट के केजी किनी शामिल हैं।

याचिका में कहा गया है कि हर चुनाव क्षेत्र के 50 फीसदी बूथों पर वीवीपैट पर्चियों का ईवीएम से मिलान होना चाहिए। फिलहाल निर्वाचन आयोग वीवीपैट का मिलान एक चुनाव क्षेत्र में एक बूथ पर ही करता है। याचिका में ईवीएम के जरिए चुनाव में गड़बड़ी की आशंका जताई गई है। इन विपक्षी दलों ने हाल ही में निर्वाचन आयोग से भी 50 फीसदी बूथों पर वीवीपैट के इस्तेमाल की मांग की थी।

Updated : 28 March 2019 2:36 PM GMT
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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