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CAA, NPR के विरोध में महागठबंधन के राष्ट्रीय नेताओं ने की आमसभा, कुर्सियां रहीं खाली

CAA, NPR के विरोध में महागठबंधन के राष्ट्रीय नेताओं ने की आमसभा, कुर्सियां रहीं खाली
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ग्वालियर। शहर में नागरिकता संसोधन कानून, राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर ( NPR) के विरोध में सांझी विरासत- सांझी हिफाजत नारे के तले एक रैली का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मार्कसवासदी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता सीताराम येचुरी सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह एवं समाजवादी नेता शरद यादव ने भाग लिया। सीएए के विरोध में आयोजित इस कार्यक्रम में महागठबंधन के नेताओं ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा की केंद्र सरकार लोगों को डराने का प्रयास कर रहीं है। वह देश में संविधान को समाप्त कर दलितों एवं पिछड़ो के अधिकारों का हनन करना चाहती है। उन्होंने कहा की हम संविधान बचाने के लिए आंदोलन कर रहें है। उन्होंने कहा की यह देश हमारी सांझी विरासत है, यह देश हम सभी का है और सभी को मिलकर इसकी हिफाजत करनी होगी।




देश और संविधान को बचाने की बात करने वाले वामदल के नेता नागरिकता कानून आने के बाद से केंद्र सरकार पर विभिन्न आरोप लगा रहें है। देश में अनेक स्थानों पर इनके द्वारा सीएए का विरोध किया जा रहा है। नागरिकता कानून के विरोध मेंआंदोलन करने वाले नेता अपने ही नेताओ पर लगें विभिन्न आरोपों का स्पष्टीकरण नहीं देते। कथित तौर पर वामदल समर्थित मानी जाने वाली जेएनयू के छात्रों पर कई बार देश विरोधी नारों को लगाने का आरोप लग चूका है लेकिन यह नेता इस पर मौन रहते है। इसके साथ ही कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल पर हाल ही में एक आरोप लगा था शाहीन बाग़ में चल रहे विरोध प्रदर्शन के लिए पीएफआई ने उन्हें फंड दिया था।हालांकी कपिल सिब्बल द्वारा इस पर सफाई दी जा चुकी है लेकिन ऐसे ही कितने आरोप लग चुके है,जिन पर यह पार्टियां और उनके नेता कभी कोई स्पष्टीकरण नहीं देते।

सीएए, एनपीआर और एनआरसी के विरोध में महागठबंधन की इस आमसभा में आम लोग कम ही नजर आये। इस जनसभा में ज्यादातर कुर्सियां खली ही पड़ी रहीं।यह कुर्सियां आम लोगों के बैठने के लिए रखी गई थी जोकि सभा के अंत तक आम लोगों के आकर बैठने का इंतजार करती रहीं। फूलबाग मैदान में हुई इस सभा में शहर भर से गिनती के चंद लोग ही सभा में पहुंचे।


Updated : 2020-02-20T21:48:21+05:30
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स्वदेश वेब डेस्क

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