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चुनावी सुरक्षा व्यवस्था में जुटा खुफिया विभाग

चुनावी सुरक्षा व्यवस्था में जुटा खुफिया विभाग
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प्रशासनिक संवाददाता भोपाल

विधानसभा चुनाव की तरह लोकसभा चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से कराने की जमावट में पुलिस प्रशासन जुट गया है। खुफिया विभाग (इंटेलिजेंस ब्यूरो) द्वारा प्रदेश के सभी मतदान केन्द्रों की जानकारी, उन पर लगाई जाने वाली सुरक्षा व्यवस्था तथा असामाजिक तत्वों से लेकर अपराधियों के खिलाफ प्रदेश स्तर पर की जा रही कार्यवाही की जानकारी 28 फरवरी तक चुनाव आयोग को दी जाना है। इसके बाद आयोग के निर्देश पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।

सूत्रों के मुताबिक प्रदेश में कुल 65243 मतदान केन्द्र हैं। इनमें सामान्य, संवेदनशील और अति संवेदनशील कितने हैं, इसके साथ ही शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के मतदान केन्द्रों की पृथक-पृथक जानकारी एकत्र की जा रही है। खुफिया विभाग (इंटेलिजेंस ब्यूरो) द्वारा जिला जिलाधीशों और पुलिस अधीक्षकों के माध्यम से संयुक्त रूप से यह जानकारी एकत्र कराई जा रही है। जिलों से कितने अपराधियों के खिलाफ जिला बदर या प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। इसकी जानकारी भी एकत्र की जा रही है। साथ ही चुनाव के दौरान गड़बड़ी की आशंका वाले तत्वों के खिलाफ की जा रही प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के आंकड़े भी जुटाए जा रहे हैं। प्रदेश में अति संवेदनशील तथा संवेदनशील मतदान केन्द्रों पर कितने जवान तैनात किए जाएंगे, इसका आंकड़ा भी आयोग को दिया जाना है। सूत्रों के मुताबिक इस माह के अंत तक यह जानकारी चुनाव आयोग को दी जाना है। चुनाव आयोग सुरक्षा व्यवस्था के इंतजामों की समीक्षा के बाद राज्य शासन को दिशा-निर्देश जारी कर सकता है।

पिछले चुनाव के जुटाए जा रहे आंकड़े

सूत्रों के मुताबिक 2014 में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान किन क्षेत्रों में हिंसा, मारपीट की घटनाएं हुई थीं, इनके आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। जिन क्षेत्रों में मतदान के दौरान ऐसी घटनाएं हुई थीं, वहां सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। हालांकि हाल ही में विधानसभा चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए हैं। इसी तर्ज पर लोकसभा चुनाव की चुनावी सुरक्षा व्यवस्था की जमावट की जाएगी। उल्लेखनीय है कि चुनाव आयोग के निर्देश पर विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए सुरक्षा प्रबंधों से मतदान के दौरान कहीं अप्रिय घटना नहीं घटी।

यह है बल की स्थिति

प्रदेश पुलिस में करीब साठ हजार जवानों के अलावा विशेष सशस्त्र बल (एसएएफ) के 22 हजार जवान और होमगार्ड के 14 हजार नगर सैनिकों में कितना बल चुनावी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात किया जाएगा, इसके आंकड़े भी दिए जाएंगे। इनके अलावा कितने बल की कमी होगी, इस बारे में भी चुनाव आयोग को बताया जाएगा, ताकि बल की कमी की पूर्ति के लिए केन्द्र सरकार से अद्र्ध सैनिक बल की कंपनी मांगी जा सकेगी। हालांकि लोकसभा चुनाव में केन्द्र से अधिक फोर्स मिलने की संभावना कम रहती है। ऐसे में प्रदेश पुलिस बल को ही चुनावी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात किया जाएगा।

Updated : 2019-02-21T21:38:33+05:30

Naveen

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