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ई-टेंडरिंग घोटाले में ईओडब्ल्यू ने दर्ज की एफआईआर

आयकर छापे के बाद कमलनाथ सरकार एक्शन में, सात कंपनियों समेत अज्ञात नेताओं और अधिकारियों पर केस

ई-टेंडरिंग घोटाले में ईओडब्ल्यू ने दर्ज की एफआईआर
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भोपाल। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री कमलनाथ के करीबियों पर आयकर विभाग द्वारा की गई छापामारी के बाद प्रदेश सरकार एक्शन में आ गई है और उसने पिछली भाजपा सरकार के शासन में हुए भ्रष्टाचार के मामलों की फाइलें खोलना शुरू कर दी है। जांच एजेंसी आर्थिक अपराध अन्वेषण प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने बुधवार को शिवराज शासन में हुए ई-टेंडरिंग घोटाला मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ईओडब्ल्यू ने सात कंपनियों समेत अज्ञात नेताओं और अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

गौरतलब है कि रविवार को आयकर विभाग द्वारा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के ओएसडी प्रवीण कक्कड़ समेत उनके करीबियों के दिल्ली, गोवा, इंदौर, भोपाल आदि स्थानों समेत करीब 50 ठिकानों पर एक साथ छापामारी की कार्रवाई की थी। यह कार्रवाई दो दिन चली। इससे प्रदेश के नौकरशाहों में हडकंप मच गया था और मंत्रालय में भी इसकी जोर-शोर से चर्चा हुई थी। इसी बीच बुधवार को ईओडब्ल्यू हरकत में आई और ई-टेन्डर घोटाला मामले में एफआईआर दर्ज की है। इनमें जल निगम, पीडब्ल्यूडी, एमपी रोड डेवलपमेंट कारपोरेशन, जल संसाधन विभाग के अधिकारी, कुछ नेता और सात कंपनियों के डायरेक्टर शामिल हैं।

ईओडब्ल्यू के डीजी केएल तिवारी के अनुसार जनवरी 2018 से मार्च 2018 के बीच जो टेंडर हुए थे, उनमें करीब तीन हजार करोड़ का घोटाला होने का अनुमान है। इस मामले में फिलहाल आईपीसी की धारा 420, 468,471,120बी, आईटी एक्ट की धारा-66 के अलावा कई अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। जल्द ही आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट की जाएगी और जिन लोगों के नाम इसमें सामने आए हैं, उनके खिलाफ भी जांच की जाएगी।

बता दें कि ई-टेंडर घोटाले की जाचं ईओडब्ल्यू द्वारा पहले से की जा रही है। अब तक नौ टेंडरों के टेम्परिंग की जांच हो चुकी है, लेकिन लोकसभा चुनाव के बाद इस जांच को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। आयकर छापेमारी के बाद सत्तारूढ़ कांग्रेस और भाजपा के बीच अचानक राजनीतिक तनाव बढ़ा और ईओडब्ल्यू फिर सक्रिय हो गया, जिसे राजनीतिक जानकार आयकर छापेमारी की प्रतिक्रिया बता रहे हैं। हालांकि, कांग्रेस ने इससे इन्कार किया है। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता भूपेश गुप्ता ने कहा है कि यह कोई बदले की कार्रवाई नहीं है। हमने अपने वचन पत्र में ही कह दिया था कि जनता से जुड़े हर मामले की जांच की जाएगी।

Updated : 10 April 2019 2:14 PM GMT
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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