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केरल में आई बाढ़ का राजनाथ ने किया हवाई सर्वेक्षण

केरल में आई बाढ़ का राजनाथ ने किया हवाई सर्वेक्षण
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तिरुवनंतपुरम। केरल में बारिश और बाढ़ से मची भयंकर तबाही का जायजा लेने गये केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को पर्यटन मंत्री अल्फोंस और मुख्यमंत्री पिनरई विजयन के साथ राज्य के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने राज्य सरकार के मंत्रियों, मुख्य सचिव, केंद्रीय एजेंसियों व राज्य प्रशासन के अन्य शीर्ष अधिकारियों से केंद्र सरकार की एजेंसियों व राज्य सरकार द्वारा चलाए गए राहत, बचाव और खोज अभियान की जानकारी ली वे बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात भी की।

केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने यह जानकारी देते हुए बताया कि पिछली 8 अगस्त से बाढ़ मे मरने वालों की संख्या 37 हो गई है। आने वाले दिनों में राहत के आसार नहीं दिख रहे हैं, क्योंकि 14 अगस्त तक केरल के कई जिलों में भारी बारिश की आशंका है। इसको ध्यान मे रखते हुए कई स्थानों पर रेड अलर्ट घोषित कर दिया गया है। राज्य की 44 नदिया ऊफान पर हैं और 8 जिलों मे हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। 1,031 हेक्टेयर भूमि पर खडी फसल नष्ट हो गई है और 513 राहत शिविरों में 60 हजार से अधिक बाढ़ प्रभावित लोग शरण लिये हुए हैं। इसमें वायनाड में सर्वाधिक 14,000 हैं। 101 घर पूरी तरह और 1501 आंशिक रूप से नष्ट हो चुके हैं। संचार और सम्पर्क व्यवस्था चरमरा गई है। राज्य के सर्वाधिक बाढ़ प्रभावित इडुक्की जिले के जिलाधिकारी जीवन बाबू के अनुसार, पिछले 50 वर्षों में बाढ़ और बारिश से ऐसी स्थिति कभी नहीं बनी।

केंद्र ने बाढ़ की स्थिति को देखते हुए त्रिसूर, एर्नाकुलम, अलप्पुझा, वायनाड, कोझिकोड और इडुक्की जिलों में एनडीआरएफ की 14 टीमें तैनात की हैं। ये टीमें चिकित्सा सहायता के साथ राहत सामग्रियों के वितरण का भी काम कर रही हैं। इसके साथ ही एनडीआरएफ की अन्य टीमें भी तैनात रखी गई हैं।अब तक 1000 से अधिक वृद्ध महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।केरल में इडुक्की, एर्नाकुलम और त्रिसूर के इलाके बाढ़ के पानी से अभी भी डूबे हुए हैं, लेकिन शनिवार को बारिश नहीं होने से यहां रहने वाले हजारों लोगों ने राहत की सांस ली है। इसके साथ ही सरकार ने बाढ़ में अपनी घर और संपत्ति गंवाने वाले प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये देने की घोषणा की है ।

मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने इडुक्की, वायनाड और अन्य जिलों के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। विजयन ने इसके साथ ही अपना घर गंवाने वाले को चार लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की। बारिश न होने के परिणामस्वरूप पिछले कई दिनों से तबाही मचा रहा इडुक्की बांध का पानी कम होने लगा है। उसके गेट भी खोल दिए गये हैं। हालांकि बारिश फिर शुरू हो गई है। राज्य के ऊर्जा मंत्री एम.एम. मणि ने कहा, "अभी तक चीजें ठीक रही हैं और सबकुछ योजना के मुताबिक हो रहा है। बाढ़ द्वार के समीप पहुंचे पानी को चेरुथोनी पर रोक लिया गया, जिससे कोई बड़ा संकट खड़ा नहीं हुआ।"

मुख्यमंत्री विजयन के साथ विपक्ष के नेता रमेश चेन्निथला, राज्य के वन मंत्री पी. राजू, मुख्य सचिव टॉम जोस और केरल के पुलिस महानिदेशक लोकनाथ बेहरा ने कल तिरुवनंतपुरम से हेलीकॉप्टर द्वारा सबसे अधिक प्रभावित जिलों का हवाई सर्वेक्षण किया। केरल के सांसदों का दल शुक्रवार को गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मिला. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी केरल के मुख्यमंत्री से बात करके पूरी मदद का भरोसा दिया हैं। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने केरल में बाढ़ और भूस्खलन से हुई जनहानि पर शोक प्रकट करते हुए प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर राज्य में सामान्य हालात बहाल करने के लिए पर्याप्त धनराशि आवंटित करने का आग्रह किया।

केरल के इडुक्की जिले में बरसात और बाढ़ की तबाही सबसे ज्यादा है, जहां पिछले 40 सालों में पहली बार चेरुथोनी बांध के पांचों शटर खोलने पड़े हैं। 50 साल में पहली बार केरल को इतनी भयंकर बाढ़ और बरसात का सामना करना पड़ा है। राज्य के इतिहास में पहली बार 24 बांधों को एक साथ खोलना पड़ा है. पिछले 40 वर्षों में ऐसा पहली बार हुआ है कि बारिश और बाढ़ की वजह से इडुक्की के चेरुथोनी बांध के पांचों शटर एक साथ खोल देने पड़े हों। डीआरएफ की टीमों ने सात लोगों को बचाया है जबकि1000 लोगों और 12 मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।

Updated : 2018-08-13T04:34:46+05:30
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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