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वाराणसी : प्रधानमंत्री ने भोजपुरी में बोल लोगों का जीता दिल

जनसभा के लिए उमड़ने लगी भारी भीड़, ढोल-नगाड़ों के साथ बीएचयू पहुंचने लगे लोग

वाराणसी : प्रधानमंत्री ने भोजपुरी में बोल लोगों का जीता दिल
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वाराणसी/स्वदेश वेब डेस्क। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने 68वें जन्मदिन पर संसदीय क्षेत्र वाराणसी को 557 करोड़ की विकास परियोजनाओं का तोहफा दिया है। साथ ही भरोसा दिया कि वाराणसी को पूर्वी भारत के गेटवे के रूप में विकसित करेंगे। काशी में बदलाव लाने के साथ ही इसकी पौराणिकता व अनन्तकाल से शहर की बनी पहचान को सुरक्षित रखकर इसमें परंपरा व आधुनिकता का समावेश करेंगे। सरकार का प्रयास है कि वाराणसी में विश्वस्तरीय ढांचागत विकास सुविधा प्रदान की जाए।

वाराणसी दौरे के दूसरे दिन मंगलवार को प्रधानमंत्री काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के एमपी थिएटर मैदान में विशाल जनसभा को सम्बोधित कर रहे थे। संसदीय क्षेत्र में अपना जन्मदिन ग्रामीण और कूड़ा बीनने वाले बच्चों के साथ मनाने के बाद प्रधानमंत्री ने जनसभा में 557 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने सांसद के तौर पर जिले में चार साल में किए गए कार्यों की रिपोर्ट कार्ड पेश किया। प्रधानमंत्री ने जनसभा में अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के विकास और बदलाव पर अपने को केन्द्रित कर कहा कि चार सालों में काशी में बदलाव दिखने लगा हैं।

चार साल पूर्व शहर की बदहाली का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इससे पहले यहां आने वाले लोग ध्वस्त व्यवस्था देखकर उदास हो जाते थे। बिजली के लटकते तार की तरह शहर अव्यवस्था में उलझा था। पीएम ने कहा कि जब मैं यहां सांसद बनने से पहले आया तो शहर में लटकते तारों को देखकर सोचता था कि इससे शहर को कब मुक्ति मिलेगी। उन्होंने काशी के नागरिकों से कहा कि आप तो उस व्यवस्था के गवाह रहे हैं जब हमारी काशी को भोले के भरोसे, अपने हाल पर छोड़ दिया गया था। लेकिन जब केन्द्र और प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी तो शहर के बड़े हिस्से से लटकते तारों की समस्या गायब हो गई। शहर में इंटीग्रेटेड पावर डेवलपमेंट स्कीम (आईपीडीएस) योजना में चल रहे कार्यों का हवाला देकर कहा कि शीघ्र ही पूरे शहर को इस समस्या से मुक्ति मिलेगी।

प्रधानमंत्री ने पिछले चार साल से शहर में चल रही विकास परियोजनाओं और आज लोकार्पित होने वाली योजनाओं का विस्तार से उल्लेख कर कहा कि इन योजनाओं के पूरा होने पर काशी के विकास को नया आयाम मिलेगा। युवाओं को रोजगार के असीम अवसर मिलेंगे तो उद्यम के लिए भी नई सम्भावनाएं जन्म लेंगी। 'सबका साथ-सबका विकास' के नारे व नए जोश के साथ काशी अपना भविष्य तय कर रही है। काशी में हर दिशा में परिवर्तन हो रहा है। शिक्षा, मेडिकल, ट्रांसपोर्ट सभी का विकास किया जा रहा है। आज काशी एलईडी की रोशनी से जगमगा रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बीएचयू 21वीं सदी का मॉडर्न एजुकेशन सेंटर बनेगा। बीएचयू में बना आधुनिक ट्रामा सेंटर हजारों लोगों के जीवन काे बचाने का काम कर रहा है। बनारस में बन रहे नए कैंसर हॉस्पिटल, सुपर स्‍पेशिएलिटी अस्‍पताल इलाज में बड़ी भूमिका निभाने वाले हैं। प्रधानमंत्री ने गंगा की स्वच्छता निर्मलता के संकल्प को दोहरा कर कहा कि गंगोत्री से गंगा सागर तक शहरों की गंदगी रोकने के लिए 21 हजार करोड़ की 200 परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं।

प्रधानमंत्री ने बताया कि वाराणसी में 600 करोड़ की परियोजना दीनापुर, रमना में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बन रहा है। इससे गंगा में शहर का सीवर गिरने से रोका जाएगा। वाराणसी में यातायात खासकर भारी ट्रकों को शहर में आने से रोकने के लिए गंगा पर एक नया पुल भी बनेगा। प्रधानमंत्री ने शहर में सड़कों और पुलों के विस्तार की जानकारी देकर वाराणसी में रिंग रोड के निर्माण में आने वाली बाधाओं के लिए पूर्व की प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि रिंग रोड की फाइल दबा कर बैठे रहे। प्रधानमंत्री ने योगी सरकार के कामकाज की सराहना के बाद कहा कि अब रिंगरोड के निर्माण में तेजी आई है। इससे काशी ही नहीं आस-पास के जिलों को भी लाभ होने वाला है। ब‍िहार, नेपाल, झारखंड, मध्‍यप्रदेश जाने के लिए यहां से निकली सड़कों का बहुत महत्‍व है। वाराणसी के भीतर और वाराणसी को दूसरे राज्‍यों से जोड़ने वाली सड़कों का विस्‍तार किया जा रहा है।

बनारस के भीतर अनेक सड़क परियोजनाएं चल रही हैं। वाराणसी-बलिया के बीच रेलवे में हो रहे विकास कार्य, स्टेशनों के विकास से यातायात आसान हो जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि बाबतपुर एयरपोर्ट पर अब 21 लाख लोग आने लगे हैं जबकि चार साल पहले चार लाख लोग आते थे। बनारस में मल्‍टीमॉडल टर्मिनल का काम पूरा होते ही और विकास होगा। इससे सड़क रेल और जल परिवहन तीनों की कनेक्टिविटी अच्छी होगी। उन्होंने कहा कि काशी के विकास खास कर कैंट स्टेशन के विकास को लेकर जब कोई युवा सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीर डालता है तो मन प्रसन्न हो जाता है।

प्रधानमंत्री ने प्रवासी भारतीय सम्मेलन में नागरिकों से सहयोग का आह्वान कर कहा कि काशी के आतिथ्य सत्कार की प्रशंसा फ्रांस, जापान, जर्मनी के राष्ट्राध्यक्ष करते हैं। हमें प्रवासी सम्मेलन में आने वाले अतिथियों का ऐसा आतिथ्य करना है कि सत्कार की मिसाल बन जाय। यहां आने वाले प्रवासी ऐसा अनुभव करें कि वे यहां के आतिथ्य अम्बेसडर बन जाएं।

जनसभा में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री को अंगवस्त्रम पहना कर काष्ठ कला की बेहतरीन अनुकृति महाबीर हनुमान जी की मूर्ति स्मृति चिन्ह के रूप में देकर सम्मान किया। जनसभा की अध्यक्षता प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. महेन्द्र पांडेय ने की। खास बात यह रही कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वि​श्वविद्यालय के संंस्थापक भारत रत्न महामना मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। प्रधानमंत्री बीएचयू के कुलगीत के प्रति आदर दिखाते हुए पूरे समय ससम्मान सावधान मुद्रा में खड़े रहे। जनसभा में लोकार्पित और शिलान्यास होने वाली विकास परियोजनाओं पर आधारित वृत्त चित्र दिखाया गया। प्रधानमंत्री ने मंच से ही योजनाओं को रिमोट से बटन दबाकर अनावरण किया।

प्रधानमंत्री ने भोजपुरी में बोल लोगों का जीता दिल

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनसभा में अपने सम्बोधन के दौरान भोजपुरी बोल कर लोगों का दिल जीत लिया। उन्होंने कहा कि हमरे काशी के लोग हमें इतना प्‍यार देलन कि मन गदगद हो जाला। आप लोगन का बेटा हई समय निकाल बार-बार काशी आवे क मन करेला। प्रधानमंत्री ने कहा कि काशी की जनता मेरे मालिक हैं, मेरे हाईकमान हैं, काशी को मेरे पल-पल का हिसाब लेने का अधिकार है, मै देता रहूंगा।

वाराणसी को मिली सौगात

बीएचयू खेल मैदान से प्रधानमंत्री ने जिन योजनाओं की सौगात दी, उनमें 486.21 करोड़ के 10 लोकार्पण और 71.18 करोड़ रुपये के तीन शिलान्यास शामिल हैं। आईपीडीएस से बनारस में विद्युत व्यवस्था बेहतर होगी। पुरानी काशी में बिजली के तारों से लोगों को मुक्ति मिल जाएगी। दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत 3722 मजरों में बिजली कार्य कराया गया। इससे गांव में बिजली की समस्या दूर होगी। सिंगल फेज 90 हजार मीटर कार्य बिजली के तार लगने से चोरी पर लगाम लगेगी। 33 केवी बेटावर और कुरूसातों उपकेंद्र निर्माण से ग्रामीण इलाकों में बिजली व्यवस्था बेहतर होगी। नागेपुर ग्राम पेयजल योजना से गांव में पानी की समस्या दूर होगी।

अटल इन्क्यूबेशन सेंटर से युवाओं को स्टार्ट अप योजना का लाभ मिलेगा। कुंभकारी उद्योग के तहत विद्युत चालित चाक, बलंजर, पग मशीन, आधुनिक भट्टी आवंटन करने से प्रजापति समाज की स्थिति बेहतर होगी। हनी मिशन के तहत मधुमक्खी बाक्स का आवंटन होने से रोजगार मिलेगा। खादी व सोलर वस्त्र के तहत तीन रेडीबार्प मशीन का आवंटन रोजगार की समस्या दूर होगी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय में वैदिक विज्ञान केंद्र की स्थापना से शोध की गुणवत्ता बढ़ेगी। रीजनल इंस्टीट्यूट आफ आ़फ्थेल्मोलॉजी आंख के रोगों की समस्या के लिए दूर दराज नहीं जाना होगा। 132 केवी चोलापुर विद्युत उपकेंद्र ग्रामीण इलाकों को भी 24 घंटे बिजली मिलेगी।

Updated : 2018-09-18T21:34:07+05:30
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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