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छात्रों को नीट परीक्षा देने के लिए अब लंबी दूरी तय नहीं करनी होगी : जावड़ेकर

छात्रों को नीट परीक्षा देने के लिए अब लंबी दूरी तय नहीं करनी होगी : जावड़ेकर
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नई दिल्ली। मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के इच्छुक छात्रों को राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा (नीट) देने के लिए अगले साल से राज्यों से बाहर नहीं जाना पड़ेगा बल्कि जिले में ही परीक्षा होगी। यह जानकारी केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने गुरुवार को राज्यसभा में दी।

संसद के मानसून सत्र के दूसरे दिन आज सदन में एक सदस्य ने नीट परीक्षा के लिए छात्रों को होने वाली विभिन्न कठिनाइयों का विषय उठाया था। जीरो आवर के दौरान तमिलनाडु से एआईएडीएमके सदस्य विजला सत्यनाथ ने इस साल के नीट प्रश्नपत्र के तमिल संस्करण में त्रुटियों का मुद्दा उठाया। तमिल में परीक्षा लेने वाले छात्रों को वितरित पेपर में 49 गलत अनुवादित प्रश्न दिखाई दिए। 10 जुलाई को मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै बेंच ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) को प्रत्येक गलत अनुवादित प्रश्न के लिए चार अंक देने के निर्देश दिए। सीबीएसई ने इस फैसले को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती देते हुए अपील दायर की है।

इसके जवाब में जावड़ेकर ने बताया कि वह छात्रों को ग्रेस मार्क्स (अनुग्रह अंक) दिए जाने पर टिप्पणी नहीं करेंगे क्योंकि मामला कोर्ट में विचाराधीन है। लेकिन नीट प्रश्न पत्र के अनुवाद का मुद्दा पिछले साल सामने आया था। हिन्दी और अंग्रेजी सहित अलग-अलग भाषाओं के अलग-अलग प्रश्न पत्र होने के कारण समस्याओं को देखते हुए देशभर में एक प्रश्नपत्र का प्रयोग करने का फैसला किया गया था। उन्होंने बताया कि नीट के प्रश्नपत्र का तमिल अनुवाद तमिलनाडु सरकार द्वारा सुझाए गए अनुवादकों ने ही किया था। अब अगले साल से हम हर राज्य सरकार से ये भी एफिडेविट लेंगे कि यह अनुवाद ठीक है, तो यह करेक्शन करेंगे| तब तक जो हुआ है वह कोर्ट का मसला है।

जब राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने तिरुअनंतपुर और कन्याकुमारी के छात्रों को परीक्षा देने के लिए लंबी दूरी तय कर राजस्थान जाने के विषय में पूछा तो जावड़ेकर ने जवाब दिया कि उन्होंने पहले ही आदेश कर दिया है कि अगले साल से छात्रों को कहीं बाहर नहीं जाना होगा। प्रत्येक छात्र अपने जिले में ही परीक्षा दे सकेगा। उन्होंने बताया कि जिस जिले में हैं उसी जिले में बने सेंटर पर वह परीक्षा दे सकेंगे। उन्हें दूसरे स्थान पर नहीं जाना पड़ेगा।

Updated : 2018-07-20T00:47:54+05:30
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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