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ब्रह्मोस मामला : जासूस निशांत के लैपटॉप और कम्प्यूटर में कई अति संवेदनशील दस्तावेज मिले

ब्रह्मोस मामला : जासूस निशांत के लैपटॉप और कम्प्यूटर में कई अति संवेदनशील दस्तावेज मिले
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लखनऊ/स्वदेश वेब डेस्क। पाक-अमेरिका के लिए भारत की जासूसी के आरोप में गिरफ्तार ब्रह्मोस के इंजीनियर निशांत अग्रवाल को नागपुर कोर्ट ने तीन दिन की ट्रांजिड रिमांड दे दी है। रिमांड मिलने के बाद उसे लखनऊ एटीएस मुख्यालय लाकर पूछताछ की जायेगी। एटीएस ने निशांत के कार्यालय व आवास से कई अहम जानकारी व डिजिटल सामग्री बरामद की है। उसे लखनऊ लाकर जांच किया जायेगा कि निशांत ने देश से सम्बन्धित क्या-क्या जानकारी दुश्मन देश को दी हैं। इसके अलावा एटीएस ने आगरा व कानपुर से डीआरडीओ के दो वैज्ञानिकों को हिरासत में लिया है।

देश की जासूसी के आरोप में मिलेट्री एजेंसी और महाराष्ट्र एटीएस की संयुक्त टीम की मदद लेकर यूपी एटीएस ने सोमवार को नागपुर यूनिट के सीनियर इंजीनियर निशांत अग्रवाल को गिरफ्तार किया था। एटीएस को शक है कि हनी ट्रैप का शिकार हुए निशांत ने ब्रह्मोस मिसाइल और देश से जुड़ी गोपनीय जानकारियां पाक-अमेरिका के खुफिया एजेंसी से साझा की है। एटीएस को उसके लैपटॉप और कम्प्यूटर की जांच में कई अति संवेदनशील दस्तावेज मिले हैं। दो ऐसी फेसबुक आईडी से चैटिंग करने के प्रमाण मिले हैं, जिनके आईपी एड्रेस व नम्बर पाकिस्तान के हैं।

दोनों आईडी महिलाओं के छद्म नाम पर है और उनकी प्रोफाइल में दो विभिन्न महिलाओं की तस्वीर लगी हुई है। एटीएस ने निशांत के कार्यालय व आवास से कई अहम जानकारी व डिजिटल सामग्री बरामद की है। उसे लखनऊ लाकर जांच किया जायेगा कि निशांत ने देश से सम्बन्धित क्या-क्या जानकारी दुश्मन देश को दी हैं। इसके अलावा एटीएस ने आगरा व कानपुर से डीआरडीओ के दो वैज्ञानिकों को हिरासत में लिया है।

इस मामले की जांच कर रहे एटीएस के पुलिस उपाधीक्षक मनीष चन्द्र सोनकर ने बताया कि मिलेट्री एजेंसी की इनपुट से एटीएस ने 19 सितम्बर को पाकिस्तान खुफिया एजेंसी आईएसआई की जासूसी के आरोप में बीएसएफ जवान अच्युतानंद मिश्रा भी हनीट्रैप का शिकार हुआ था। वह जिन फर्जी फेसबुक आईडी से जुड़ा हुआ था, इनमें निशांत समेत रक्षा प्रतिष्ठानों से जुड़े तीन लोग थे। इसी आधार पर जांच की और ब्रह्मोस मिसाइल यूनिट के सीनियर इंजीनियर निशांत अग्रवाल को गिरफ्तार किया गया है। ट्रांजिड रिमांड मिलते ही उसे लखनऊ एटीएस मुख्यालय लाया जायेगा। उसके पास से जो साक्ष्य मिले हैं जिसके आधार पर अभी और कई गिरफ्तारियां हो सकती हैं जिससे एक बड़ी साजिश का खुलासा हो सकता है।

Updated : 2018-10-10T03:29:18+05:30
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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