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क्या है कारण, अमेरिका में एमबीए छात्र को नहीं मिल रही जॉब

क्या है कारण, अमेरिका में एमबीए छात्र को नहीं मिल रही जॉब
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लॉस एंजेल्स। भारत से अमेरिका में बेहतर जीवन शैली की उम्मीद में इंटेरनेशनल बिज़नेस स्कूल से एमबीए करने के लिए स्टूडेंट्स को घोर निराशा का सामना करना पड़ रहा है। अब रोज़गार देने वाली बड़ी कम्पनियों ने अपनी वेबसाइट पर लिखना शुरू कर दिया दिया है कि उनके पास नागरिक अथवा वैध निवासी होने का प्रमाण पत्र है, तभी रोज़गार के लिए आवेदन करें। इन कम्पनियों में इंटेल, डेल्टा एयरलाइन, साउथ वेस्ट एयरलाइन, किंबरले क्लार्क कारपोरेशन आदि को वैध निवासी होने अथवा डिपार्टमेंट आफ होमलैंड सिक्यूरिटी से रोज़गार के अधिकार का प्रमाण पत्र चाहिए। इंटेल ने हाल में 810 रोज़गार अपनी वेबसाइट पर निकाले थे, इसमें एक भी भारतीय अथवा विदेशी को रोज़गार नहीं मिला। अब ये छात्र वीज़ा एक्सटेंशन होने की स्थिति में अधिकतम 240 दिन तक रह सकते हैं। इसके बाद उन्हें स्वदेश लौटना लाज़िमी होगा।

अमेरिकी इमीग्रेशन सर्विसेज़ और होमलैंड सिक्यूरिटी विभाग की ओर से रोज़गार में जांच पड़ताल और नए सिरे से दस्तावेज़ों की मांग के बाद एच-1बी के मौजूदा पेशेवर कर्मियों के सामने नई अड़चनों के बाद रोज़गार देने वाली कम्पनियों ने हाथ खड़े कर दिए हैं। इस साल 2018के पहले छह महीनों में 8लाख 77हज़ार नए रोज़गार के लिए वेबसाइटों पर एमबीए में उत्तीर्ण नए आवेदकों की मांग की गई थी, इनमें से इंटरनेशनल बिज़नेस स्कूल से उत्तीर्ण 47 प्रतिशत छात्रों को रोज़गार दिए गए। स्थिति यह है कि इन इंटेरनेशनल बिज़नेस स्कूल से उत्तीर्ण छात्रों को एच-1बी कोटे से अमेरिकी कम्पनियों में रोज़गार मिलने के बावजूद उन से साल दर साल नए सिरे से दस्तावेज़ और उनकी कड़ी जाँच के बाद पिछले लाख 14हज़ार 503को रोज़गार मिलने की बजाए इस साल एक लाख आठ हज़ार एक सौ एक को ही रोज़गार मिल पाया है।

बताया जाता है कि अमेरिका में शिक्षा पूरी करने के बाद ओपशनल प्रेक्टिकल ट्रेनिंग के लिए विदेशी छात्रों को एक वर्ष तक अतिरिक्त रुकने और वीज़ा की जो सुविधा मिल जाती थी, ताकि वे अमेरिका में रहकर एच-1बी के लिए आवेदन कर सकें, उसकी संभावनाएँ कमतर होती जा रही हैं। इसका सीधा असर अमेरिकी इंटेरनेशनल बिज़नेस स्कूल पर पड़ा है। इन स्कूलों में प्रवेश पाने वालों की संख्या में इस साल 40प्रतिशत तक की कमी आ गई है। कोलंबिया में 14प्रतिशत, जोर्जिया में 32विदेशी छात्रों की कमी आई है तो पेंसेलवेनिया यूनिवर्सिटी ने प्रवेश अंकों में ही भारी छूट दे दी है।

Updated : 2018-08-02T17:23:20+05:30
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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