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Pew Report: Hindus 15%, Islam Fastest Growing Reli

धर्म पर प्यू रिसर्च की नई रिपोर्ट: दुनिया में ईसाई सबसे ज्यादा, मुस्लिम सबसे तेजी से बढ़े

प्यू रिसर्च सेंटर की नई रिपोर्ट में खुलासा—दुनिया में हिंदू 15%, मुस्लिम सबसे तेज़ी से बढ़े, नास्तिक बने तीसरी सबसे बड़ी आबादी।


धर्म पर प्यू रिसर्च की नई रिपोर्ट दुनिया में ईसाई सबसे ज्यादा मुस्लिम सबसे तेजी से बढ़े

दुनिया में धार्मिक विविधता और अलग-अलग मजहब के मानने वालों को लेकर Pew Research Center की नई रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्ट से पता चलता है कि दुनिया में ईसाई धर्म को मानने वाले लोगों का दबदबा अब भी कायम है, जबकि सबसे तेजी से बढ़ने वाला धर्म इस्लाम है। ईसाई और इस्लाम के बाद दुनिया में नास्तिकों की संख्या सबसे अधिक है। इसके बाद हिंदुओं की आबादी दुनिया की कुल जनसंख्या का लगभग 15 फीसदी है।

दुनिया में नास्तिकों की बड़ी आबादी

201 देशों पर आधारित इस अध्ययन में Singapore को दुनिया का सबसे अधिक धार्मिक रूप से विविध देश बताया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, ईसाई 2.3 अरब की आबादी के साथ दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक समूह बने हुए हैं, हालांकि वैश्विक जनसंख्या वृद्धि की रफ्तार कुछ धीमी हुई है।

ईसाई सबसे बड़े, इस्लाम सबसे तेज़

इस्लाम दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ने वाला बड़ा धर्म है। पिछले दस वर्षों में मुस्लिम आबादी में 347 मिलियन (34.7 करोड़) की वृद्धि हुई है। वहीं हिंदुओं की आबादी 126 मिलियन (12.6 करोड़) बढ़कर 1.2 अरब हो गई है। हिंदू अब दुनिया की आबादी का 14.9 प्रतिशत हैं।

दुनिया में नास्तिकों, यानी किसी भी धर्म को न मानने वालों की आबादी भी तेजी से बढ़ रही है। दुनियाभर में अब ऐसे लोगों की संख्या 24.2 प्रतिशत हो गई है, जो तीसरी सबसे बड़ी श्रेणी है। वहीं बौद्ध धर्म ऐसा एकमात्र बड़ा धार्मिक समूह है, जिसकी संख्या में कमी दर्ज की गई है।फरवरी 2026 में जारी यह रिपोर्ट प्यू टेम्पलटन ग्लोबल रिलीजियस फ्यूचर्स प्रोजेक्ट का हिस्सा है।

धार्मिक विविधता वाले देश

धार्मिक विविधता के मामले में रिपोर्ट के अनुसार सिंगापुर दुनिया में पहले स्थान पर है। यहां बौद्ध 31 प्रतिशत के साथ सबसे बड़ा धार्मिक समूह हैं। इसके बाद नास्तिक 20 प्रतिशत, ईसाई 19 प्रतिशत, मुस्लिम 16 प्रतिशत, हिंदू 5 प्रतिशत और अन्य धर्मों को मानने वाले 9 प्रतिशत हैं।धार्मिक विविधता में Suriname दूसरे स्थान पर है और यह टॉप-10 में शामिल एकमात्र लैटिन अमेरिकी देश है। सूरीनाम में 53 प्रतिशत ईसाई, 22 प्रतिशत हिंदू, 13 प्रतिशत मुस्लिम और 8 प्रतिशत नास्तिक हैं।इस सूची के टॉप-10 में ताइवान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, मॉरिशस और गिनी-बिसाऊ भी शामिल हैं। वहीं France टॉप-10 में शामिल एकमात्र यूरोपीय देश है, जहां 46 प्रतिशत ईसाई, 43 प्रतिशत नास्तिक और 9 प्रतिशत मुस्लिम आबादी है।United States दुनिया के 10 सबसे अधिक धार्मिक रूप से विविध देशों में शामिल नहीं है, लेकिन दुनिया के 10 सबसे अधिक आबादी वाले देशों में धार्मिक विविधता के मामले में अमेरिका पहले स्थान पर है। इसके बाद नाइजीरिया, रूस, India और ब्राजील का स्थान आता है।यह विश्लेषण दुनिया की आबादी को सात श्रेणियों  ईसाई, मुस्लिम, हिंदू, बौद्ध, यहूदी, अन्य धर्मों को मानने वाले और बिना किसी धार्मिक जुड़ाव वाले लोगों  में विभाजित कर किया गया है।

हिंदू ज्यादातर भारत में

रिपोर्ट के अनुसार यहूदी आबादी विभिन्न देशों में लगभग समान रूप से बंटी हुई है। दुनिया की 40 प्रतिशत यहूदी आबादी अमेरिका में और 46 प्रतिशत Israel में रहती है।हिंदू दुनियाभर में फैले हुए हैं, लेकिन उनका सबसे बड़ा केंद्र दक्षिण एशिया है। दुनिया के करीब 95 प्रतिशत हिंदू भारत में रहते हैं। इसके अलावा बांग्लादेश और नेपाल में भी हिंदुओं की अच्छी खासी आबादी है।बौद्ध धर्म को मानने वाले लोग धार्मिक विविधता के स्तर पर सबसे अधिक फैले हुए माने जाते हैं। इनमें से लगभग 38 प्रतिशत लोग अलग-अलग देशों में रहते हैं। बौद्ध उन देशों में भी बड़ी संख्या में पाए जाते हैं, जहां धार्मिक विविधता बहुत अधिक है, जैसे सिंगापुर, दक्षिण कोरिया और ताइवान।

दुनिया में कैसे बंटे हैं धर्म

रिपोर्ट में बताया गया है कि मुस्लिम आबादी का बड़ा हिस्सा मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका के उन देशों में रहता है, जहां अधिकांश आबादी इस्लाम को मानने वाली है। वहीं ईसाई इस विश्लेषण में शामिल सभी धार्मिक समूहों में सबसे अधिक फैले हुए हैं और विविध समाजों में रहने की उनकी संभावना सबसे ज्यादा है।धर्म को न मानने वाले लोग भी आमतौर पर विविध समाजों में रहते हैं, जैसे चीन, जहां दुनिया की लगभग दो-तिहाई धार्मिक रूप से विविध आबादी निवास करती है।