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जम्मू-कश्मीर पर यूएन की रिपोर्ट बनाने के पीछे पाकिस्तानी हाथ सामने आया

14 जून को संयुक्त राष्ट्र की कश्मीर पर जारी पहली मानवाधिकार रिपोर्ट में भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा नियंत्रण रेखा के दोनों तरफ मानवाधिकार उल्लंघन की बात कही गई थी।

जम्मू-कश्मीर पर यूएन की रिपोर्ट बनाने के पीछे  पाकिस्तानी हाथ सामने आया
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नई दिल्ली। कनाडा के टोरंटो में बसे पाकिस्तानी बुद्धिजीवी Zafar ने दावा किया है कि संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में मानवाधिकारों के उच्चायुक्त ज़ायद बिन राड अल हुसैन रिपोर्ट तैयार करने के दौरान लगातार उनके संपर्क में थे। उल्लेखनीय है कि उस रिपोर्ट में भारत द्वारा कश्मीर में मानवाधिकारों के उल्लंघन की बात कही गई थी। भारत ने इस रिपोर्ट को 'भ्रामक, पक्षपातपूर्ण और प्रेरित' बताकर खारिज कर दिया था। अब जफर बंगश के खुलासे ने साफ कर दिया है कि रिपोर्ट पूरी तरह से पाकिस्तानी हित को ध्यान में रखते हुए बनाई गई थी।

14 जून को संयुक्त राष्ट्र की कश्मीर पर जारी पहली मानवाधिकार रिपोर्ट में भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा नियंत्रण रेखा के दोनों तरफ मानवाधिकार उल्लंघन की बात कही गई थी। 49 पन्नों की इस रिपोर्ट में मानवाधिकारों के उल्लंघन, हिंसा और सुरक्षा बलों द्वारा माफी देने की पुरानी पद्धति का उल्लंघन करने पर केंद्रित था। भारत सरकार और विदेश मंत्रालय ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि रिपोर्ट पूरी तरह से पूर्वाग्रह से प्रेरित है और गलत तस्वीर पेश करने का प्रयास कर रही है। मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि यह देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन है।

ज़फर बंगश एक इस्लामी पत्रकार हैं और यार्क क्षेत्र की मस्जिद में इमाम भी हैं। कश्मीर मुद्दे के बारे में उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र में मानवाधिकारों के उच्चायुक्त ज़ायद बिन राड अल हुसैन रिपोर्ट तैयार करने के दौरान उनके संपर्क में थे। खुद को कश्मीर का मित्र बताते हुए ज़फर बंगश का कहना है कि वे खुद संयुक्त राष्ट्र में मानवाधिकारों के उच्चायुक्त के साथ लगातार फोन और ई-मेल से संपर्क में थे।

एक समारोह में भाषण देते हुए बंगश ने खुद बताया है कि उनकी पाकिस्तान विदेश मंत्रालय में बात हुई थी, जिसमें यह तय हुआ था कि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार के हाई कमिश्नर और उनके साथी प्रतिनिधि पाकिस्तान जाएंगे और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में उनका सम्मान होगा। बंगश जिस कार्यक्रम में बोल रहे थे उसमें पीओके के राष्ट्रपति सरदार मसूद खान भी मौजूद थे। सरदार मसूद खान ने कहा था कि भारत-पाकिस्तान को युद्ध से बचना चाहिए क्योंकि दोनों देश परमाणु शक्तियों से संपन्न हैं।

Updated : 2018-07-11T02:44:08+05:30
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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