जर्मनी के म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में पाकिस्तान के आर्मी चीफ मार्शल आसिफ मुनीर को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा। वेन्यू में प्रवेश के दौरान तैनात सुरक्षा अधिकारी ने आईडी मांगा।
जर्मनी के म्यूनिख शहर में आयोजित म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन के दौरान पाकिस्तान की बेइज्जती का मामला सामने आया है। मामला पाक के सेना प्रमुख आसिफ मुनीर से जुड़ा हुआ है। उनको उस समय असहज स्थिति का सामना करना पड़ा, जब कार्यक्रम स्थल पर तैनात सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें सामान्य प्रक्रिया के तहत रोककर पहचान पत्र दिखाने को कहा।
बता दें कि 13 से 15 फरवरी के बीच हुए इस सम्मेलन में दुनिया भर के नेता और रक्षा विशेषज्ञ शामिल हुए थे। इस दौरान पाक के सेना प्रमुख को साधारण प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर गुजरना पड़ा।
सुरक्षा जांच का वीडियो वायरल
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में दिख रहा है कि जब असीम मुनीर अपनी टीम के साथ वेन्यू में प्रवेश कर रहे थे, तब एक महिला सुरक्षा अधिकारी ने उन्हें रोका। अधिकारी ने उनसे कहा, 'रुकिए… आपकी आईडी कहाँ है? कृपया अपना आईडी कार्ड पलटकर दिखाइए।' इसके बाद उन्होंने अपना पहचान बैज सीधा कर जांच के लिए प्रस्तुत किया।
यह प्रक्रिया अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में सामान्य मानी जाती है, लेकिन सोशल मीडिया पर इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ यूजर्स ने इसे पाकिस्तान की कूटनीतिक असहजता बताया, जबकि कई लोगों ने कहा कि उच्च स्तरीय कार्यक्रमों में सभी प्रतिभागियों के लिए एक समान सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू होता है।
पूर्व सैन्य अधिकारी की प्रतिक्रिया
पाकिस्तान के पूर्व सैन्य अधिकारी आदिल राजा ने इस घटना पर प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर कोई भी व्यक्ति पहचान के आधार पर नहीं, बल्कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही प्रवेश पाता है। उन्होंने कहा कि अगर गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मी पूछे तो परिचय देना सामान्य बात है।
सम्मेलन में मौजूदगी पर विरोध
सुरक्षा जांच के अलावा, सम्मेलन में असीम मुनीर की मौजूदगी को लेकर भी विरोध दर्ज किया गया। जर्मनी स्थित सिंधी राजनीतिक संगठन जेये सिंध मुत्ताहिदा महाज (JSMM) ने कार्यक्रम स्थल के बाहर प्रदर्शन किया। संगठन ने पाकिस्तान में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों का मुद्दा उठाते हुए उनके आमंत्रण पर आपत्ति जताई।
JSMM के अध्यक्ष शफी बुरफत ने संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय संघ को संबोधित बयान में इस न्योते को निराशाजनक बताया। संगठन ने कहा कि ऐसे उच्च स्तरीय सुरक्षा मंच पर पाकिस्तान की सैन्य नेतृत्व की भागीदारी अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए चिंता का विषय हो सकती है।
वैश्विक मंच और कड़े सुरक्षा मानक
म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन हर वर्ष आयोजित होता है, जहां वैश्विक नेता, रक्षा अधिकारी, राजनयिक और नीति विशेषज्ञ अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा के लिए एकत्र होते हैं। इस तरह के आयोजनों में सख्त सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता है और सभी प्रतिनिधियों को समान प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है।
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किया जा रहा है, जिससे इस पर बहस तेज हो गई है। जहां एक ओर इसे सामान्य सुरक्षा प्रक्रिया बताया जा रहा है, तो दूसरी ओर इसे पाकिस्तान के लिए कूटनीतिक असहजता के रूप में पेश किया जा रहा है।