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Nikhil Gupta gets 24 years in Pannu murder plot

न्यूयॉर्क कोर्ट में गूंजा कबूलनामा: पन्नू की हत्या की साजिश में निखिल गुप्ता को 24 साल की सजा

खालिस्तानी आतंकी पन्नू की हत्या की साजिश मामले में निखिल गुप्ता को न्यूयॉर्क कोर्ट ने 24 साल की सजा दी। FBI और US अटॉर्नी ऑफिस ने दी जानकारी।

न्यूयॉर्क कोर्ट में गूंजा कबूलनामा पन्नू की हत्या की साजिश में निखिल गुप्ता को 24 साल की सजा

न्यूयॉर्क की एक अदालत ने खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की कथित हत्या की साजिश के मामले में निखिल गुप्ता ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। कोर्ट ने उसे 24 साल की जेल की सजा सुनाई है। यह मामला पिछले साल से लगातार सुर्खियों में था।

न्यूयॉर्क कोर्ट में कबूलनामा

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक निखिल गुप्ता ने अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित फेडरल कोर्ट में अपने ऊपर लगे आरोप स्वीकार कर लिए। 29 मई को सजा का औपचारिक ऐलान किया जाएगा, हालांकि अदालत ने 24 साल की सजा तय कर दी है। अमेरिकी जांच एजेंसी Federal Bureau of Investigation (FBI) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर बताया कि आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया है। एजेंसी का कहना है कि यह साजिश एक अमेरिकी नागरिक की हत्या के लिए रची गई थी जिसे समय रहते नाकाम कर दिया गया।

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खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू

किन-किन धाराओं में दोषी

यूएस अटॉर्नी ऑफिस के बयान के अनुसार, निखिल गुप्ता उर्फ ‘निक’ ने सेकंड सुपरसिडिंग इंडिक्टमेंट में लगाए गए तीनों आरोपों को स्वीकार किया है। इनमें शामिल हैं:

  • मर्डर-फॉर-हायर
  • मर्डर-फॉर-हायर की साजिश
  • मनी लॉन्ड्रिंग की साजिश

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में सजा और भी लंबी हो सकती थी, लेकिन कबूलनामे के चलते सजा की अवधि तय हुई।

भारत में पहले से घोषित आतंकी

गौरतलब है कि गुरपतवंत सिंह पन्नू को भारत सरकार ने 1 जुलाई 2020 को UAPA के तहत आतंकी घोषित किया था। उस पर भारत में अलगाववाद को बढ़ावा देने और भड़काऊ गतिविधियों में शामिल रहने के आरोप हैं। भारत में उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं, और सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से उस पर नजर रखे हुए थीं।

चेक रिपब्लिक से गिरफ्तारी, फिर प्रत्यर्पण

निखिल गुप्ता को 30 जून 2023 को यूरोपीय देश चेक रिपब्लिक में गिरफ्तार किया गया था। अमेरिकी एजेंसियों के अनुरोध पर वहां की पुलिस ने उसे हिरासत में लिया। करीब एक साल की कानूनी प्रक्रिया के बाद 14 जून 2024 को उसे अमेरिका प्रत्यर्पित कर दिया गया। शुरुआत में निखिल ने खुद को निर्दोष बताया था, लेकिन अब उसने अदालत में आरोप स्वीकार कर लिए हैं।

कथित भूमिका और अमेरिकी दावा

अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक, भारत सरकार के एक कर्मचारी जिसे आरोपपत्र में CC-1 कहा गया है ने निखिल गुप्ता को पन्नू की हत्या के लिए एक हिटमैन की व्यवस्था करने को कहा था। अमेरिकी एजेंसियों ने यह भी दावा किया कि भारत के एक पूर्व अफसर विकास यादव का नाम भी जांच में सामने आया। हालांकि इस पर भारत सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया पहले भी सावधानी भरी रही है।

यह मामला सिर्फ एक आपराधिक साजिश तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके कूटनीतिक मायने भी हैं। आने वाले दिनों में 29 मई की औपचारिक सजा सुनवाई के बाद, दोनों देशों के रिश्तों और कानूनी बहसों पर इसका असर देखने को मिल सकता है , फिलहाल न्यूयॉर्क कोर्ट के इस फैसले ने कहानी को एक नया मोड़ दे दिया है।