बांग्लादेश में बीएनपी की जीत के बाद तारिक रहमान के शपथ समारोह में भारत के पीएम मोदी नहीं जाएंगे। उनकी जगह ओम बिरला भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
बांग्लादेश में 12 फरवरी को आम चुनाव आयोजित हुए। इस चुनाव में बीएनपी को बड़ी जीत मिली है। अब देश में नई सरकार के लिए बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान पीएम बनेंगे। उनका शपथ ढाका में राष्ट्रीय संसद के साउथ प्लाजा में आयोजित होगा। पहले इस शपथ ग्रहण समारोह में भारत की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल होने की अटकलें थीं। लेकिन अब उनकी जगह लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। इसे दोनों देशों के गहरे और स्थायी संबंधों का संकेत माना जा रहा है।
BNP की बड़ी जीत, तारिक रहमान बनेंगे प्रधानमंत्री
12 फरवरी 2026 को हुए आम चुनाव में Bangladesh Nationalist Party (बीएनपी) ने 300 में से 212 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया। इसके साथ ही पार्टी अध्यक्ष Tarique Rahman के प्रधानमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है। माना जा रहा है कि उनका नेतृत्व क्षेत्रीय राजनीति और कूटनीतिक समीकरणों पर प्रभाव डाल सकता है।
भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री मोदी शामिल नहीं होंगे, लेकिन भारत की उच्चस्तरीय मौजूदगी बनी रहेगी। पीएम मोदी के न जाने की वजह है कि वे 17 फरवरी के दिन फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रो भारत के दौरे पर है। यह यात्रा पहले से निर्धारित थी। इसके चलते पीएम मोदी मुंबई में मैक्रो की यात्रा के चलते व्यस्त रहेंगे।
17 फरवरी को ढाका में समारोह
बता दें कि17 फरवरी 2026 को ढाका में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में ओम बिरला हिस्सा लेंगे। यह कार्यक्रम बीएनपी के नेतृत्व में बनने वाली नई सरकार के औपचारिक कार्यभार ग्रहण का हिस्सा है। भारत और बांग्लादेश के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक संबंध लंबे समय से मजबूत रहे हैं। ऐसे में भारत की उपस्थिति को द्विपक्षीय रिश्तों की निरंतरता और सहयोग की भावना के रूप में देखा जा रहा है।
पीएम मोदी ने दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारिक रहमान को फोन कर जीत की बधाई दी है। भारत ने बांग्लादेश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत चुनी गई नई सरकार का स्वागत किया है। इसे क्षेत्रीय स्थिरता और विकास के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
ओम बिरला की भागीदारी इस बात का संकेत है कि भारत लोकतांत्रिक मूल्यों और पड़ोसी देशों के साथ आपसी सम्मान पर आधारित संबंधों को प्राथमिकता देता है। यह कदम दोनों देशों के बीच सहयोग और संवाद को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।