पंजाब CM भगवंत मान को पोलोनियम देने और मोहाली फोर्टिस अस्पताल को उड़ाने की धमकी वाली ई-मेल झूठी निकली। पुलिस जांच में कुछ संदिग्ध नहीं मिला।
मोहाली। पंजाब की सियासत सोमवार-मंगलवार को एक सनसनीखेज ई-मेल से हिल गई। दावा किया गया कि पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann को घातक रेडियोएक्टिव केमिकल पोलोनियम दिया गया है और मोहाली स्थित फोर्टिस अस्पताल को बम से उड़ा दिया जाएगा, हालांकि तय समय पर कोई धमाका नहीं हुआ और शुरुआती जांच में धमकी झूठी पाई गई।
स्कूलों और फोर्टिस अस्पताल को उड़ाने की धमकी
मंगलवार सुबह मोहाली के कई स्कूलों को धमकी भरी ई-मेल भेजी गई। मेल में स्कूलों के साथ Fortis Hospital Mohali को भी उड़ाने की चेतावनी दी गई थी। ब्लास्ट का समय दोपहर 1 बजकर 11 मिनट बताया गया था। लेकिन निर्धारित समय बीत गया और कहीं कोई विस्फोट नहीं हुआ। पुलिस ने राहत की सांस ली। मेल के अंत में खुद को “खालिस्तान नेशनल आर्मी” बताने वाले संगठन का नाम लिखा गया था।
CM को पोलोनियम से संक्रमित करने का दावा
ई-मेल में यह भी दावा किया गया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान को भाई दिलावर सिंह के वारिसों ने पोलोनियम से संक्रमित किया है। यहां तक लिखा गया कि अगर वह बच गए तो उनका हाल पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री Beant Singh जैसा किया जाएगा। ज्ञात हो कि बेअंत सिंह की 1995 में चंडीगढ़ सचिवालय में मानव बम हमले में हत्या कर दी गई थी। हालांकि ई-मेल में यह नहीं बताया गया कि कथित तौर पर पोलोनियम कब, कहां और कैसे दिया गया। न ही इस संबंध में कोई ठोस सबूत दिया गया।
पुलिस की जांच में कुछ नहीं मिला
धमकी की सूचना मिलते ही फोर्टिस अस्पताल में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पांच बम निरोधक दस्तों ने पूरे परिसर की जांच की। मोहाली के एसपी सिटी दिलप्रीत सिंह ने बताया कि सुबह करीब साढ़े सात बजे मेल प्राप्त हुई थी। जांच में कोई संदिग्ध वस्तु या गतिविधि सामने नहीं आई। अस्पताल प्रबंधन या पंजाब सरकार की ओर से भी पोलोनियम संबंधी किसी दावे की पुष्टि नहीं की गई है।
CM की तबीयत और अस्पताल में भर्ती
मुख्यमंत्री भगवंत मान रविवार को ब्लड प्रेशर बढ़ने की शिकायत पर मोहाली के इसी अस्पताल में भर्ती हुए थे। सोमवार को उन्हें छुट्टी दे दी गई थी, जिसके बाद वह मोगा में आम आदमी पार्टी की नशा विरोधी रैली में शामिल हुए। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वहां सांस लेने में तकलीफ के बाद सोमवार शाम करीब 5 बजे उन्हें फिर अस्पताल लाया गया। फिलहाल अस्पताल की ओर से कोई विस्तृत मेडिकल बुलेटिन जारी नहीं किया गया है।
पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी धमकियां
इससे पहले भी अमृतसर, जालंधर, पटियाला, मोहाली और चंडीगढ़ के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं। हर बार जांच में ये ई-मेल फर्जी निकलीं। इस बार मामला मुख्यमंत्री से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने अतिरिक्त सतर्कता बरती। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन इस तरह की धमकियां सुरक्षा एजेंसियों के लिए नई चुनौती जरूर खड़ी कर रही हैं।।