Ahead of the 2026 Monsoon Session, PM Narendra Modi appeals for constructive debate using logic and facts, not noise.
संसद के मानसून सत्र 2026 की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष से सकारात्मक सहयोग की अपील की है. पीएम ने कहा कि लोकतंत्र में चर्चा तर्क और तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए, न कि शोर-शराबे के जरिए। प्रधानमंत्री ने कहा, "मानसून हो या मानसून सत्र, अगर दोनों प्रोएक्टिव हों तो देश का कल्याण होता है। हमारी प्रार्थना है कि मानसून भी प्रोएक्टिव रहे और संसद का यह सत्र भी प्रोडक्टिव रहे।"
'जहां तर्क और तथ्य होते हैं, वहां तूफान की जरूरत नहीं'
प्रधानमंत्री ने कहा कि संसद में हर मुद्दे पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए, लेकिन बहस का आधार तथ्य और तर्क होने चाहिए.उन्होंने कहा, "जहां तर्क होते हैं, तथ्य होते हैं, वहां शोर-शराबे या तूफान की जरूरत नहीं होती। अगर आपके पास मजबूत तर्क हैं तो आवाज ऊंची करने की आवश्यकता नहीं है। संसद में हर आवाज को सुने जाने का अवसर मिलना चाहिए।"
देश की उपलब्धियों का किया जिक्र
PM मोदी ने कहा कि पिछले एक महीने में भारत ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने अंतरिक्ष क्षेत्र में भारतीय युवाओं और स्टार्टअप्स की सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि यह देश के युवाओं की असीम क्षमता और बढ़ते आत्मविश्वास का प्रमाण है.प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की नई पीढ़ी दुनिया में देश का मान बढ़ा रही है और यह विकसित भारत की दिशा में मजबूत संकेत है।
मानसून सत्र में आ सकते हैं ये अहम विधेयक
- आयकर संशोधन विधेयक, 2026
- सर्वोच्च न्यायालय संशोधन विधेयक, 2026
- राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम संशोधन विधेयक
- जन्म और मृत्यु पंजीकरण संशोधन विधेयक
- MSME विकास संशोधन विधेयक
- विदेशी अंशदान (FCRA) संशोधन विधेयक
- विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक
25 दिन चलेगा मानसून सत्र
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के अनुसार, संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक चलेगा। 25 दिनों के इस सत्र में कुल 19 बैठकें प्रस्तावित हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण विधेयकों और राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा होगी।