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पीएम ने की CWG 2026 पदक विजेताओं से मुलाकात

CWG 2026 के पदक विजेताओं से मिले प्रधानमंत्री: खिलाड़ियों ने सुनाए संघर्ष के किस्से

नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने CWG 2026 के पदक विजेता भारतीय खिलाड़ियों से मुलाकात की और उनके संघर्ष और उपलब्धियों को सुना।


cwg 2026 के पदक विजेताओं से मिले प्रधानमंत्री खिलाड़ियों ने सुनाए संघर्ष के किस्से

AI |

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को नई दिल्ली में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों से मुलाकात की। खिलाड़ियों से बातचीत के दौरान जहां मीराबाई चानू के संघर्ष और भावुक पल की चर्चा हुई, वहीं बॉक्सर नरेंद्र बेरवाल का पाकिस्तानी खिलाड़ी से जुड़ा मजेदार किस्सा सुनकर प्रधानमंत्री भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए।

इस मुलाकात का वीडियो सोमवार को यूट्यूब पर लाइव किया गया। बातचीत की शुरुआत में पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 10-12 साल में अगर वह नियमित तौर पर किसी वर्ग से मिले हैं, तो वे देश के खिलाड़ी हैं। उन्होंने खिलाड़ियों की मेहनत और लगातार सफलता को देश का गौरव बढ़ाने वाला बताया।

मीराबाई से बोले- आपके आंसुओं में गोल्ड मेडल दिख रहा था

प्रधानमंत्री ने वेटलिफ्टर मीराबाई चानू से उनके भावुक होने का जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा कि पोडियम पर उनके इतने आंसू थे कि उन्हें लगा, हर बूंद से जैसे गोल्ड मेडल टपक रहा हो।इस पर मीराबाई ने बताया कि पेरिस ओलिंपिक में पदक से चूकने के बाद उनके लिए चार साल बेहद मुश्किल रहे। इस दौरान उन्हें चोटों के साथ पारिवारिक परेशानियों का भी सामना करना पड़ा।उन्होंने कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतने के बाद पोडियम पर राष्ट्रगान बजा तो वह अपने आंसू नहीं रोक सकीं।मीराबाई ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की विमेंस 48 किलो वेटलिफ्टिंग कैटेगरी में कुल 190 किलो वजन उठाकर गोल्ड मेडल जीता था।

नरेंद्र बेरवाल ने सुनाया पाकिस्तानी बॉक्सर का किस्सा

बॉक्सर नरेंद्र बेरवाल ने 2015 वर्ल्ड मिलिट्री गेम्स का एक किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि उनका पहला मुकाबला पाकिस्तान के बॉक्सर से था। मुकाबले से पहले भारतीय सेना की ओर से उन्हें फोन आया था कि पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबला नहीं हारना है।बेरवाल ने मुकाबला जीत लिया। दोनों बॉक्सर इस दौरान चोटिल भी हुए और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे।यहीं पाकिस्तानी बॉक्सर ने बेरवाल से मजाक में कहा कि उनका नाम नरेंद्र है, उनके कोच का नाम भी नरेंद्र है और भारत के प्रधानमंत्री का नाम भी नरेंद्र है। इसके बाद उसने कहा कि अब उसे ‘नरेंद्र’ नाम से ही नफरत हो गई है।

बेरवाल का यह किस्सा सुनकर प्रधानमंत्री मोदी भी हंस पड़े।

बॉक्सर जादुमणि सिंह ने पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले का अनुभव भी साझा किया। उन्होंने 26 जुलाई को प्री-क्वार्टरफाइनल में पाकिस्तान के रहमान सुमामा को 5-0 से हराया था।जादुमणि ने बताया कि वह भारतीय सेना से जुड़े हैं, इसलिए उन्होंने पहले ही तय कर लिया था कि पाकिस्तान के खिलाफ जीत हासिल करनी है। मुकाबला कारगिल विजय दिवस के दिन हुआ था।जीत के बाद उन्होंने अपना मेडल कारगिल के वीरों को समर्पित किया। पीएम मोदी ने उनके इस जज्बे की सराहना की।

सीमा कालीरमन बोलीं- अब दोस्तों से कहूंगी, हां मोदी जी से मिली हूं

हरियाणा की डिस्कस थ्रो खिलाड़ी सीमा कालीरमन ने भी प्रधानमंत्री से मुलाकात का एक हल्का-फुल्का किस्सा साझा किया।उन्होंने बताया कि उनके दोस्त अक्सर मजाक में पूछते थे कि क्या उन्होंने मोदी से मुलाकात की है। अब वह उन्हें गर्व से कह सकेंगी कि हां, मैं मोदी जी से मिली हूं।सीमा ने कॉमनवेल्थ गेम्स में डिस्कस थ्रो में 58.65 मीटर का थ्रो कर ब्रॉन्ज मेडल जीता था।

गलत नक्शा देखकर लवलीना ने जताई थी आपत्ति

बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन से जुड़ा एक किस्सा भी बातचीत के दौरान सामने आया। ग्लासगो के एक रेस्टोरेंट में भारत का गलत नक्शा लगा हुआ था। लवलीना ने इसे देखकर रेस्टोरेंट कर्मचारियों से नक्शा ठीक करने को कहा था।पीएम मोदी ने उनके इस कदम की तारीफ की। उन्होंने कहा कि मेडल जीतने की खुशी के बीच भी लवलीना ने देश के नक्शे में हुई गलती पर ध्यान दिया। प्रधानमंत्री ने इस घटना को लंबे समय तक याद रहने वाला बताया।

दिलीप महादु गावित ने गुरु को दिया गोल्ड मेडल

पैरा एथलीट दिलीप महादु गावित ने बताया कि उन्होंने अपना मेडल अपने कोच को समर्पित किया है। उन्होंने कहा कि जिस दिन उनका इवेंट था, उसी दिन गुरु पूर्णिमा भी थी। इसलिए उन्होंने मेडल अपने गुरु को गिफ्ट कर दिया।दिलीप ने पैरा T47 कैटेगरी की 100 मीटर रेस में 10.71 सेकेंड का समय निकालकर गोल्ड मेडल जीता था।खिलाड़ियों से बातचीत में पीएम मोदी ने उनकी उपलब्धियों के साथ उन व्यक्तिगत अनुभवों को भी सुना, जो मेडल के पीछे की मेहनत, संघर्ष और भावनाओं को सामने लाते हैं।

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