देश की सबसे बड़ी प्राइवेट फ्यूल रिटेलर नायरा एनर्जी ने पेट्रोल के दाम 5 रुपये और डीजल के दाम 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिए हैं। सरकारी कंपनियों ने अभी दाम नहीं बदले हैं।
नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी प्राइवेट फ्यूल रिटेलर नायरा एनर्जी ने पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा दिए हैं। कंपनी ने पेट्रोल में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 3 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया है। पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है। नायरा के देशभर में 7,000 से ज्यादा पेट्रोल पंप हैं, इसलिए इस फैसले का असर कई शहरों के वाहन चालकों की जेब पर पड़ सकता है।
कंपनी ने क्यों बढ़ाए गए दाम
कंपनी का यह कदम खुदरा कीमतों और अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल व रिफाइंड उत्पादों की बढ़ती लागत के बीच का फर्क कम करने के लिए उठाया गया है। कच्चे तेल में हाल की तेजी से दुनिया भर की तेल कंपनियों पर दबाव फिर बढ़ गया है। इस साल नायरा पहले भी कई बार कीमतें बदल चुकी है। वजह यह है कि भू-राजनीतिक उथल-पुथल का असर कच्चे तेल और उससे बने उत्पादों के बाजार पर पड़ रहा है और रिफाइनरों को इससे जूझना पड़ रहा है।
कच्चे तेल का हाल
शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 102.3 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ। चीन के फ्यूल निर्यात रोकने और अमेरिका के खाड़ी क्षेत्र में और सैनिक भेजने की संभावना से कच्चे तेल में उछाल आया है। स्पॉट मार्केट में भाव इससे भी ऊपर हैं। इसी वजह से दुनिया भर की ऑयल रिटेलरों के मार्जिन पर दबाव बढ़ा है। इससे पहले 1 जुलाई को नायरा ने पेट्रोल में 5 रुपये और डीजल में 3 रुपये प्रति लीटर की कटौती की थी। यानी ताजा बढ़ोतरी उसी कटौती की भरपाई जैसी दिखती है।
सरकारी कंपनियों के दाम अभी स्थिर
सरकारी तेल कंपनियों ने मई के बाद से पेट्रोल और डीजल के दाम नहीं बदले हैं। देश के करीब 90 फीसदी पेट्रोल पंप इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के हैं, इसलिए आम उपभोक्ता को फिलहाल राहत बनी हुई है। दिल्ली में इंडियन ऑयल के पंपों पर आज पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है। मई में इन कंपनियों ने कई किस्तों में कुल 7.50 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी।
आगे क्या हो सकता है
अगर कच्चे तेल के दाम लंबे समय तक इसी स्तर पर टिके रहे तो सरकारी कंपनियों पर भी कीमतें बदलने का दबाव बढ़ सकता है। फिलहाल सबकी नजर कच्चे तेल के भाव और सरकारी कंपनियों के अगले फैसले पर टिकी है।