मुंबई में भारत-फ्रांस समिट के दौरान 20 से अधिक समझौतों पर सहमति बनी। रक्षा, एआई, ऊर्जा और एयरोस्पेस में सहयोग बढ़ा। मोदी-मैक्रों ने रिश्तों को स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का दर्जा दिया।
मुंबईः महाराष्ट्र के मुंबई में आयोजित भारत-फ्रांस समिट ने दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की मौजूदगी में अहम समझौते पर सहमति बनी। इसमें रक्षा, टेक्नोलॉजी, ऊर्जा, स्किलिंग और हेल्थ जैसे क्षेत्रों में 20 से अधिक समझौते हुए। इस बैठक को दोनों देशों के रिश्तों में एक अहम पड़ाव माना जा रहा है।
डिफेंस और एयरोस्पेस में बड़ी छलांग
समिट के दौरान कर्नाटक में H125 हेलीकॉप्टर की फाइनल असेंबली लाइन का वर्चुअल उद्घाटन किया गया। यह परियोजना Airbus और Tata Advanced Systems के संयुक्त उपक्रम के तहत स्थापित की गई है। ‘मेक इन इंडिया’ पहल के अनुरूप यह कदम भारत में रक्षा विनिर्माण को नई मजबूती देगा।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस मिलकर ऐसा हेलीकॉप्टर बनाएंगे जो Mount Everest जैसी ऊंचाइयों तक उड़ान भर सके और इसे वैश्विक बाजार में निर्यात भी किया जाएगा।
टेक्नोलॉजी और एआई में नई पहल
दोनों देशों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल साइंस के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। इंडो-फ्रेंच सेंटर फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन हेल्थ, इंडो-फ्रेंच सेंटर फॉर डिजिटल साइंस एंड टेक्नोलॉजी और एयरोनॉटिक्स में नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर स्किलिंग जैसे संस्थान स्थापित करने की घोषणा की गई।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत-फ्रांस साझेदारी ‘गहरे महासागरों से लेकर ऊंचे पहाड़ों तक’ फैली हुई है और यह संबंध किसी सीमा में बंधा नहीं है।
मैक्रों ने गिनाए रिश्तों के तीन आधार
संयुक्त प्रेस वार्ता में राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि भारत-फ्रांस संबंध विश्वास, खुलेपन और महत्वाकांक्षा पर आधारित हैं। उन्होंने इस साझेदारी को 'स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' का दर्जा देने की घोषणा की।
मैक्रों ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग, तकनीक में संतुलित विकास और कानून आधारित वैश्विक व्यवस्था के प्रति प्रतिबद्धता को रिश्तों की मुख्य धुरी बताया। उन्होंने International Solar Alliance और India-Middle East-Europe Economic Corridor (IMEC) जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देश मिलकर वैश्विक स्थिरता और प्रगति की दिशा में काम कर रहे हैं।