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देशभर में मानसून का प्रकोप

देशभर में मानसून का कहर: MP-छत्तीसगढ़ में रेड अलर्ट, चारधाम यात्रा दो दिन के लिए स्थगित

भारतीय मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड में भारी बारिश के लिए अलर्ट जारी किया। चारधाम यात्रा दो दिन के लिए स्थगित।


देशभर में मानसून का कहर mp-छत्तीसगढ़ में रेड अलर्ट चारधाम यात्रा दो दिन के लिए स्थगित

AI |

देशभर में मानसून अपने सबसे सक्रिय दौर में पहुंच चुका है और इसका असर अब कई राज्यों में साफ दिखाई दे रहा है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, उत्तराखंड, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश समेत कई इलाकों में भारी से अति भारी बारिश का दौर जारी है। लगातार बिगड़ते मौसम को देखते हुए भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों तक कई राज्यों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

बारिश का असर सिर्फ जनजीवन तक सीमित नहीं है। गुजरात में बाढ़ जैसी स्थिति के चलते औद्योगिक गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं, जबकि उत्तराखंड में भूस्खलन और रास्ते बंद होने के कारण चारधाम यात्रा को दो दिनों के लिए रोक दिया गया है।मानसून की मौजूदा स्थिति की बात करें तो बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ रहा है। इसी सिस्टम की वजह से उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में अगले 4 से 6 दिनों तक व्यापक बारिश की संभावना जताई गई है।

गुजरात में टाटा मोटर्स का उत्पादन प्रभावित

भारी बारिश और जलभराव का असर देश की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनी टाटा मोटर्स पर भी पड़ा है। अहमदाबाद के पास स्थित साणंद प्लांट और उससे जुड़े कई सप्लायर यूनिट्स में पानी भरने के कारण उत्पादन अस्थायी रूप से रोकना पड़ा।कंपनी के मुताबिक टियागो, टिगोर, नेक्सन और सिएरा जैसे मॉडलों के उत्पादन पर असर पड़ा है। हालांकि प्लांट में पानी निकालने और उत्पादन बहाल करने का काम शुरू कर दिया गया है। कंपनी का कहना है कि स्थिति सामान्य होते ही सप्लाई चेन भी धीरे-धीरे पटरी पर लौट आएगी।

उत्तराखंड में चारधाम यात्रा पर अस्थायी रोक

लगातार हो रही बारिश और कई जगह भूस्खलन के बाद उत्तराखंड प्रशासन ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए चारधाम यात्रा को दो दिनों के लिए स्थगित कर दिया है। राज्य के आठ जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी है।चंपावत, बागेश्वर और टिहरी में कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों को भी बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम विभाग ने 5 अगस्त तक कई इलाकों में खराब मौसम बने रहने की संभावना जताई है।

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में अलर्ट

मध्य प्रदेश में बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम और रायसेन में अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं देवास, सीहोर, हरदा, बैतूल, पांढुर्णा, सागर, नरसिंहपुर, दमोह, जबलपुर और छतरपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। मौसम विभाग का अनुमान है कि प्रदेश में 1 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहेगा।छत्तीसगढ़ में लगातार चार दिनों से हो रही बारिश के कारण कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। गरियाबंद में नदियां उफान पर हैं और कई पुल-पुलिया क्षतिग्रस्त हो गए हैं। बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में पांच लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं।

दिल्ली से राजस्थान तक बारिश का असर

दिल्ली में मंगलवार की बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव और लंबा ट्रैफिक जाम देखने को मिला। वहीं राजस्थान के 22 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी है। चित्तौड़गढ़, टोंक, जयपुर, भरतपुर और सवाई माधोपुर सहित कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई।हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में ऑरेंज अलर्ट के चलते स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रखे गए हैं। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।

असम और बिहार में भी बारिश का असर

असम में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 75 हो गई है। सात जिले अब भी बाढ़ की चपेट में हैं और तीन लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों और विस्थापित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता का ऐलान किया है।बिहार में 13 जिलों के लिए बारिश और वज्रपात का यलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं राज्य के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक उमस और तापमान बढ़ने की भी संभावना जताई गई है।

अगले दो दिन कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग के अनुसार 30 और 31 जुलाई को मध्य प्रदेश, गुजरात, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और कर्नाटक के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश हो सकती है। कई राज्यों में रेड, ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी हैं। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।

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