दिल्ली पुलिस के स्थापना दिवस पर अमित शाह का बड़ा ऐलान, 31 मार्च 2026 तक देश होगा नक्सल हिंसा से मुक्त
दिल्ली पुलिस के 79वें स्थापना दिवस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश को आश्वस्त किया कि 31 मार्च 2026 को पूरा देश नक्सलवादी हिंसा से पूरी तरह मुक्त हो जाएगा। श्री शाह के इस बयान को सोशल मीडिया में पोस्ट करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह दृढ़ संकल्प देश की आंतरिक सुरक्षा और स्थायी शांति के प्रति केंद्र सरकार की अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार पूर्ण समन्वय के साथ 31 मार्च से पहले देश को नक्सलवाद से मुक्त करने के लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है तथा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति, सुरक्षा और विकास को सशक्त करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
शाह ने देश को दिलाया विश्वास
नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा कि देश के 11 राज्यों में फेला हुआ माओवादी आतंकवाद हमेशा के लिए देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए बहुत बड़ी चुनौती मानी जाती थी। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता के माध्यम से देश को बताते हुए मुझे हर्ष हो रहा है कि हम माओवादी क्षेत्र को हमेशा के लिए नक्सलवाद से मुक्त करने के बहुत नजदीक हैं। उन्होंने कहा कि मैं देश की जनता को फिर से एक बार विश्वास दिलाना चाहता हूं माओवादी हिंसा से मुक्त करने में सफल होंगे
दो जिलों के छोटे हिस्सों में सिमटा नक्सलवाद
केंद्रीय गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार देश में अब केवल छह जिला नक्सल प्रभावित रह गए हैं। इनमें चार जिला छत्तीसगढ़ के हैं। इनमें सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर के साथ गरियाबंद शामिल है। अफसरों के अनुसार हालांकि सूची में चार जिले हैं, लेकिन वास्तव में नक्सली अब बस्तर संभाग के केवल दो जिलों के छोटे हिस्से में सिमट गए हैं। वहां भी फोर्स का अभियान चल रहा है।
दो साल में 532 किए गए ढेर
गृह मंत्री विजय शर्मा के अनुसार में छत्तीसगढ़ में जनवरी 2024 से अब तक सुरक्षाबलों ने 532 नक्सलियों को मार गिराया है। 2004 गिरफ्तार किए गए हैं और 2,700 ने सरेंडर किया है। इस दौरान फोर्स ने 1100 हथियार भी बरामर किया है. इसमें एके-47 राइफल, इंसास राइफल, सेल्फ लोडिंग राइफल, लाइट मशीन गन, मोर्टार और पिस्तौल शामिल है।
निशाने पर टॉप लीडर
डिप्टी सीएम श्री शर्मा ने बताया कि नक्सली संगठन के पोलित ब्यूरो और केंद्रीय समिति के छह सदस्य मारे गए हैं, दो ने आत्मसमर्पण किया है। वहीं विशेष एरिया कमेटियों के 17 सदस्य मारे गए हैं और सात ने आत्मसमर्पण किया और एक को गिरफ्तार किया गया