बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई एयरपोर्ट के पास नमाज पढ़ने की अनुमति देने से इनकार किया। कोर्ट ने कहा सुरक्षा से समझौता नहीं हो सकता और किसी भी जगह नमाज पढ़ना धार्मिक अधिकार नहीं है।
बॉम्बे उच्च न्यायालय का फैसला: एयरपोर्ट के पास शेड में नमाज की अनुमति से इनकार
बॉम्बे उच्च न्यायालय ने गुरुवार को मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास नमाज पढ़ने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता और किसी भी स्थान पर नमाज पढ़ना धार्मिक अधिकार नहीं माना जा सकता।
न्यायाधीश बीपी कोलाबावाला और न्यायाधीश फिरदौस पूनीवाला की खंडपीठ टैक्सी और ऑटो-रिक्शा ड्राइवरों की एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में कहा गया था कि एयरपोर्ट के पास एक अस्थायी शेड था, जहां चालक नमाज अदा करते थे। पिछले साल अधिकारियों ने उस शेड को हटा दिया था।याचिकाकर्ताओं ने अदालत से अनुरोध किया था कि उन्हें उसी स्थान पर या आसपास किसी अन्य जगह पर नमाज पढ़ने की अनुमति दी जाए, लेकिन उच्च न्यायालय ने इस याचिका को खारिज कर दिया।
सर्वे में नमाज के लिए कोई जगह नहीं मिली
उच्च न्यायालय ने पहले पुलिस और एयरपोर्ट अधिकारियों को यह जांच करने का निर्देश दिया था कि क्या याचिकाकर्ताओं के लिए कोई वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराया जा सकता है। गुरुवार को अदालत में पेश की गई रिपोर्ट में अधिकारियों ने बताया कि आसपास सात स्थानों का सर्वे किया गया।हालांकि भीड़, सुरक्षा संबंधी चिंताओं और एयरपोर्ट डेवलपमेंट प्लान के कारण इनमें से कोई भी जगह उपयुक्त नहीं पाई गई। रिपोर्ट देखने के बाद उच्च न्यायालय ने कहा कि एयरपोर्ट के आसपास नमाज पढ़ने के लिए किसी स्थान को निर्धारित करना संभव नहीं है।