फ्रैंकफर्ट से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट को हाईजैक अलर्ट मिलने के बाद जयपुर डायवर्ट किया गया। विमान में सवार सभी यात्री सुरक्षित रहे। शुरुआती जानकारी में अलर्ट गलती से जारी होने की आशंका जताई
जयपुर। फ्रैंकफर्ट से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI-2030 की बुधवार, 14 अक्टूबर को जयपुर एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। विमान से एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को हाईजैक से जुड़ा अलर्ट मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। विमान को जयपुर में सुरक्षित उतारकर जांच के लिए अलग आइसोलेशन बे में रखा गया।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, विमान में करीब 300 यात्री सवार थे। सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालकर टर्मिनल में पहुंचाया गया। शुरुआती जांच में अलर्ट गलती से जारी होने की आशंका सामने आई, हालांकि इसकी वजह को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी।
कुछ सेकेंड के लिए भेजा गया था स्क्वॉक 7500 सिग्नल
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विमान से अहमदाबाद ATC को कुछ सेकेंड के लिए स्क्वॉक कोड 7500 का सिग्नल मिला था। यह कोड विमान में हाईजैक या किसी तरह के गैरकानूनी हस्तक्षेप का संकेत देता है। इसके बाद विमान का रास्ता बदलकर जयपुर की ओर कर दिया गया।
रिपोर्टों में बताया गया कि विमान सुबह करीब 9:45 बजे जयपुर में उतरा। सुरक्षा एजेंसियों ने विमान और उसके आसपास के क्षेत्र की जांच की। शुरुआती जांच में विमान के अंदर कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिलने की जानकारी सामने आई।
पायलट की गलती या तकनीकी गड़बड़ी? जांच जारी
शुरुआती रिपोर्टों में आशंका जताई गई कि हाईजैक अलर्ट गलती से सक्रिय हो गया था। कुछ रिपोर्टों में इसे पायलट की गलती, जबकि कुछ में संभावित तकनीकी गड़बड़ी से जोड़ा गया। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, विमान की जांच पूरी होने के बाद उसे दिल्ली जाने की अनुमति दिए जाने की जानकारी सामने आई। अलर्ट किस वजह से जारी हुआ, इसे लेकर संबंधित एजेंसियों की जांच अहम होगी।
विमान में हाईजैक से जुड़ा अलर्ट मिलने पर सुरक्षा एजेंसियां तय प्रक्रिया के तहत कार्रवाई करती हैं। विमान को सुरक्षित एयरपोर्ट पर उतारना, यात्रियों को नियंत्रित तरीके से बाहर निकालना और विमान की तलाशी लेना इस प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है।
एअर इंडिया की फ्लाइट को जयपुर में उतारने के बाद भी सुरक्षा एजेंसियों ने जांच की। सभी यात्रियों के सुरक्षित होने की जानकारी सामने आई। अब इस मामले में अलर्ट जारी होने की असली वजह जांच के निष्कर्षों से स्पष्ट होगी।